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रोहित वेमुला केस: स्‍मृति ईरानी बोलीं- कांग्रेस इसे ‘दलित बनाम गैर दलित मुद्दा’ बनाने की कोशिश कर रही है

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए भावनाओं को भड़काने के इरादे से हैदराबाद विश्वविद्यालय में एक शोधार्थी की कथित आत्महत्या के मामले को ‘दलित बनाम गैर दलित मुद्दा’ बनाकर पेश करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया जा रहा है।

Author नयी दिल्ली | January 20, 2016 8:27 PM
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी

हैदराबाद विश्वविद्यालय में एक शोधार्थी की कथित आत्महत्या के मामले में राजनीतिक दलों के तीखे प्रहार और छात्रों के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए भावनाओं को भड़काने के इरादे से इस विषय को ‘दलित बनाम गैर दलित मुद्दा’ बनाकर पेश करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया जा रहा है।

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने दो अन्य वरिष्ठ मंत्रिमंडल सहयोगियों थावर चंद गहलोत और निर्मला सीतारमण के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि दलित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव डाला गया और इस मामले में हस्तक्षेप किया गया ।

स्मृति ने कहा, ‘‘ यह कोई दलित बनाम गैर दलित मुद्दा नहीं है, जैसा कि कुछ लोग भवनाओं को भड़काने के लिए पेश कर रहे हैं… इस विषय को जाति संघर्ष बनाकर पेश करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया जा रहा है जो है ही नहीं ।’’  उन्होंने कहा कि दलित छात्र रोहित बेरमुला के आत्महत्या नोट में भी न तो किसी सांसद और न ही किसी राजनीतिक दल को जिम्मेदार ठहराया गया है।

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कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए ईरानी ने इस संबंध में कांग्रेस पार्टी के सांसद हनुमंथ राव द्वारा सितंबर 2014 में लिखे पत्र का हवाला दिया, जिसमें पिछले चार वर्षो के दौरान विश्वविद्यालय में वंचित वर्ग के छात्रों की आत्महत्याओं का जिक्र किया गया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ जैसी की आशंका थी, कांग्रेस इस मुद्दे को हवा देना चाहती है लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस के सांसद ने कहा है कि यह समस्या चार वर्षो से है। अगर उन्होंने चार वर्ष पहले समस्याएं सुलझा ली होतीं तो शायद रोहित को बचाया जा सकता था। ’’

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