पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल कोठरी से मंगलवार को तलाशी के दौरान स्मार्टफोन समेत कई अन्य प्रतिबंधित साम्रगी बरामद की गई है। प्रज्वल रेवन्ना रेप मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
इसके बाद सेंट्रल जेल में प्रज्वल रेवन्ना और एक अन्य कैदी के खिलाफ कर्नाटक जेल (संशोधन) अधिनियम, 2022 और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
स्मार्टफोन के साथ अन्य सामान भी बरामद
जेल में यह तलाशी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने ली थी। पुलिस इंस्पेक्टर एम एल सुब्रमण्य स्वामी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, CCB) की शिकायत के अनुसार, पुलिस टीम ने मंगलवार को दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे के बीच सिक्योरिटी सेक्शन 1 से 3 की तलाशी ली। सिक्योरिटी सेक्शन 3 की पहली मंजिल पर बने कमरे नंबर 4 की तलाशी के दौरान अधिकारियों को हल्के नीले रंग का रेडमी (Redmi) 5G मोबाइल फोन, सफेद चार्जर, नीले रंग की पॉकेट नोटबुक और काले रंग की सैनडिस्क (SanDisk) पेन ड्राइव मिली। इस जेल कोठरी में प्रज्वल और विचाराधीन कैदी प्रताप राय रह रहे थे।
किसके हैं ये सामान?
शिकायत के अनुसार, प्रताप राय ने दावा किया कि मोबाइल फोन, चार्जर और पेन ड्राइव उसके हैं। साथ ही कहा कि वह फोन का इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों और वकील से बात करने के लिए करता था। प्रज्वल ने कथित तौर पर तलाशी लेने वाली टीम को बताया कि उसने भी प्रताप राय के फोन का इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों और वकील को कॉल करने के लिए किया था। प्रज्वल रेवन्ना ने दावा किया कि नोटबुक उसकी है।
फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टा करता था इस्तेमाल
शिकायत में कहा गया है, “मोबाइल फोन की जांच करने पर पता चला कि उसमें फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, Netflix और Prime Video जैसे ऐप्स डाउनलोड और इंस्टॉल किए गए थे। ये ऐप्स पासवर्ड से सुरक्षित थे।” पूछताछ करने पर, दोनों कैदियों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें पासवर्ड नहीं पता। CCB ने फोन, चार्जर, पेन ड्राइव और नोटबुक जब्त कर लिए।
FIR के अनुसार, दोनों कैदियों ने बिना इजाजत के जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान मंगाया और उनका इस्तेमाल किया।
जेल अधिकारी सस्पेंड
इस जब्ती के बाद जेल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इरन्ना रंगापुर को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया, जबकि बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
यह जब्ती वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा जेल बैरकों की व्यापक तलाशी के आदेश के एक दिन बाद हुई, ताकि अनधिकृत मोबाइल फोन, ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान का पता लगाया जा सके।
हासन सीट से रहे सांसद
36 वर्षीय प्रज्वल रेवन्ना, जिन्होंने 2019 से 2023 तक हासन संसदीय क्षेत्र से सांसद था, अगस्त 2025 में रेप मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करते हुए उनके वीडियो सामने आने के बाद, मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया और जेल भेजा गया।
जेलों में छापेमारी जारी रहेगी: गृह मंत्री
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को मीडिया को बताया कि उन्होंने लगभग दो-तीन हफ्ते पहले परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल का दौरा किया था और निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां देखी थीं। उन्होंने कहा, “मैंने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ इस बारे में चर्चा की और फिर कल, मैंने मुख्यमंत्री से अनुमति ली और छापेमारी करवाई।”
प्रियांक खड़गे ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल तक ही सीमित नहीं रहेगी और पूरे कर्नाटक में इसी तरह की तलाशी ली जाएगी। उन्होंने कहा, “चाहे कलबुर्गी हो, बेलगावी हो, बेंगलुरु हो या कोई अन्य जेल, हम सख्त कार्रवाई करेंगे। हम ऐसा करते रहेंगे।”
अधिकारियों की होगी पहचान- प्रियांक
मंत्री ने कहा कि जो अधिकारी पुराने तौर-तरीके अपनाते रहेंगे, उनकी पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो सरकार उन्हें नौकरी से निकालने पर विचार करेगी।
प्रियांक खड़गे ने यह भी कहा कि सरकार कैदियों को कोई VIP ट्रीटमेंट नहीं देगी और जेल अधिकारियों को रिश्वत न लेने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “यह छापेमारी ही एक संदेश है। अगर आपको लगता है कि आप मेरे अधिकारियों को रिश्वत देकर अपनी मनमर्जी कर सकते हैं, तो आप गलतफहमी में हैं।”
मंत्री ने कहा कि जिन कैदियों से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए, उनके बारे में जानकारी सही समय पर दी जाएगी।
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