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वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की किरकिरी, पूछा गाड़ियों की बिक्री क्यों नहीं बढ़ रही, जवाब मिला- नोटबंदी का असर, लोगों के पास पैसा नहीं

Economic slowdown: अनुराग ठाकुर ने संबोधन के दौरान सवाल करते हुये कहा कि सरकार के उपायों, आरबीआई के हस्तक्षेप और विनिर्माताओं द्वारा दी जा रही छूट के बावजूद आखिर वाहन बिक्री क्यों नहीं बढ़ रही है, इस पर वहां मौजूद एक प्रतिभागी ने तपाक से कहा, यह नोटबंदी का प्रभाव है।

Author नई दिल्ली | Updated: September 7, 2019 12:31 PM
economic slowdown, anurag thakur, Auto sales, Maruti Suzui, Reserve Bank of IndiaEconomic slowdown: वित्त राज्य मंत्री ने पूछा गाड़ियां क्यों नहीं बिकी रहीं, जवाब मिला- नोटबंदी का असर। (PC- Indian express)

economic slowdown, anurag thakur, Auto sales, Maruti Suzuki: वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को शुक्रवार को एक कार्यक्रम में उस समय अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा जब सभागार में उपस्थित एक प्रतिभागी ने उन्हें बीच में टोकते हुये कहा कि नोटबंदी की वजह से वाहन क्षेत्र में मंदी छाई है। अनुराग ठाकुर वाहन कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों के संगठन एसीएमए के सालाना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संबोधन के दौरान सवाल करते हुये कहा कि सरकार के उपायों, आरबीआई के हस्तक्षेप और विनिर्माताओं द्वारा दी जा रही छूट के बावजूद आखिर वाहन बिक्री क्यों नहीं बढ़ रही है, इस पर वहां मौजूद एक प्रतिभागी ने तपाक से कहा, यह नोटबंदी का प्रभाव है।

जीएस आटो लुधियाना के जसबीर सिंह ने वित्त राज्यमंत्री को बीच में टोकते हुए कहा, यह नोटबंदी का देरी से सामने आने वाला प्रभाव है। लोगों के पास पैसा नहीं है। इसलिये मांग नहीं बढ़ रही है। हालांकि, ठाकुर ने संयम बरतते हुये अपना संबोधन जारी रखा और प्रतिभागी को बार-बार धन्यवाद कहा। संबोधन के बीच टोके जाने के बाद ठाकुर ने शांत रहते हुए कहा, अगर यह नोटबंदी का देरी से सामने आया प्रभाव है तो अब देखना है कि यहां से कैसे आगे बढ़ा जाये?

उन्होंने कहा, रिजर्व बैंक के हाल के कदम के बाद ब्याज दर में कटौती, कंपनियों द्वारा छूट की पेशकश और केंद्र सरकार की कई पहल के बावजूद आखिर उद्योग पहले की तरह मांग क्यों नहीं देख रहा। ठाकुर ने सवालिया लहजे में पूछा, मांग में पूरी दुनिया में गिरावट आ रही है या फिर केवल स्थानीय स्तर पर ही इसमें गिरावट आ रही है? उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा, अन्य मुद्दा यह है कि लोग अब कैब का इस्तेमाल करने लगे हैं। उनके सामने एक और विकल्प इलेक्ट्रिक वाहन अथवा बीएस मानक वाले वाहन का है …आखिर मुख्य कारण क्या है? इसके कई अन्य कारण हो सकते हैं। क्या यह केवल चक्रीय प्रभाव है? बाद में भारी उद्योग और लोक उपक्रम राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में दलील को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नोटबंदी और जीएसटी बड़े आर्थिक सुधार थे जो देश को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिये उठाये गये।

मेघवाल ने कहा, आर्थिक सुधार है, सर। इससे भारत 3,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बना। सरदारजी (प्रतिभागी) आप कितनी नकदी रख सकते हैं? उन्होंने कहा, इस देश को आगे बढ़ाना है, और आप समान्नतर अर्थव्यवस्था चलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा, मोदी सरकार में समानान्तर अर्थव्यवस्था नहीं चल सकती। सत्र समाप्त होने के बाद कई प्रतिभागी सिंह के पास गये और उद्योग की आवाज उठाने के लिये उन्हें बधाई देते हुये दिखे।

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