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संत रामपाल को गिरफ्तार करना मुश्किल, आज भी जारी रहेगी पुलिस कार्रवाई

हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला में स्वयंभू संत रामपाल के आश्रम में मंगलवार को हुई हिंसक झड़पों में सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों समेत 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। रामपाल के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। रामपाल समर्थकों ने भी कथित तौर पर […]

Author November 19, 2014 11:31 AM
संत रामपाल के आश्रम में हुई हिंसक झड़पों में सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों समेत 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। (एक्सप्रेस फोटो: प्रवीण खन्ना)

हरियाणा के हिसार जिले के बरवाला में स्वयंभू संत रामपाल के आश्रम में मंगलवार को हुई हिंसक झड़पों में सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों समेत 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। रामपाल के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। रामपाल समर्थकों ने भी कथित तौर पर गोलीबारी की।

चंडीगढ़ में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कौशल और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) पीके महापात्र के साथ संवाददाताओं को पूरे अभियान की जानकारी दी। संवाददाताओं को बताया कि रामपाल और उनके समर्थकों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान और गोलीबारी के लिए रामपाल को जिम्मेदार ठहराया गया है। उनके खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि दो अन्य प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं। एक प्राथमिकी 50 समर्थकों द्वारा डीजल डालकर आत्मदाह की कोशिश करने से जुड़ी है। पुलिस ने आत्मदाह के प्रयास को पानी की बौछार से नाकाम कर दिया। दूसरी प्राथमिकी उन समर्थकों को आश्रम के अंदर बंधक बनाने से जुड़ी है, जो रामपाल और उनके अनुयायियों के मौजूदा आचरण के खिलाफ हैं।

पुलिस ने माइक से रामपाल समर्थकों से बार-बार आश्रम के भीतर जाने देने और स्वयंभू संत को गिरफ्तार करने देने को कहा। लेकिन समर्थकों ने ऐसा नहीं होने दिया। इसके बाद तनाव बढ़ गया। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की पूरी कार्रवाई को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने बहुत मुश्किल बताया क्योंकि आश्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मी ज्यादा से ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं, क्योंकि महिलाओं और बच्चों को ‘मानव कवच’ के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सतलोक आश्रम के अंदर हथियारों, गोला-बारूद और एलपीजी के एक भंडार से भी निपटना है।

उन्होंने कहा कि रामपाल शत-प्रतिशत आश्रम के भीतर हैं। डीजीपी ने कहा कि आश्रम के अंदर से गोलियां चलाई गई हैं, जहां से लोगों ने पुलिस बलों पर पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके। उन्होंने कहा कि आश्रम के अंदर लोगों के पास पिस्तौल, रिवॉल्वर और अन्य हथियार हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान दो पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए हैं। एक महिला गंभीर रूप से जली हुई मिली है। यह पता नहीं चला कि वह कैसे जली।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि रामपाल निश्चित रूप से आश्रम में ही हैं। उन्हें बाहर लाने और चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में पेश किए जाने तक अभियान जारी रहेगा। अदालत ने अवमानना के एक मामले में उनके खिलाफ नए सिरे से गैर जमानती वारंट जारी किया है।

पुलिस ने कहा कि घायलों को हिसार, बरवाला, अग्रोहा और उकलाना के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने लंबे-चौड़े परिसर में फैले आश्रम की 50 फुट ऊंची चहारदीवारी की तीसरी दीवार को तोड़ने की कोशिश की तो आश्रम के भीतर कुछ उपद्रवियों ने एक जेसीबी मशीन में आग लगा दी। शाम होते-होते अधिकारियों ने अभियान को कुछ देर रोकते हुए रामपाल के अनुयायियों को आश्रम से बाहर आने की मोहलत दी, ताकि पुलिस अदालत के आदेश का पालन करते हुए रामपाल को गिरफ्तार कर सके।

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को स्वयंभू संत के खिलाफ ताजा गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद से सुरक्षाकर्मी आश्रम में घुसने और रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को मीडियाकर्मियों को भी हिंसा का सामना करना पड़ा। कई मीडियाकर्मी घायल हो गए और कई निजी टीवी चैनलों के कैमरे तोड़ दिए गए।

 

 

 

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