संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में गुरुवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद विनोद श्रीधर तावड़े ने देश में स्किन डोनेशन (Skin Donation) और स्किन बैंकिंग सिस्टम को मजबूत बनाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर रूप से आग में झुले (Burn) मरीजों के इलाज में काफी मदद मिलेगी।
राज्यसभा में चर्चा के दौरान तावड़े ने कहा कि अपनी मां के निधन के बाद उन्हें स्किन डोनेशन के महत्व का एहसास हुआ। उन्होंने कहा, ”यह विषय मुझे तब समझ में आया जब मेरी मां का निधन हुआ। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि स्किन डोनेशन और स्किन बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि बर्न मरीजों के इलाज में सुधार हो सके।”
झुलसे मरीजोंं के लिए अस्थायी सुरक्षा कवच
उन्होंने बताया कि दान की गई स्किन गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए अस्थायी सुरक्षा कवच का काम करती है। इससे इन्फेक्शन का खतरा कम होता है और शरीर से बहुत ज्यादा तरल पदार्थ (फ्लूइड) के नुकसान को रोका जा सकता है जब तक कि मरीज का अंतिम उपचार या स्किन ग्राफ्टिंग नहीं हो जाती।
तावड़े ने सदन को बताया कि मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (Transplantation of Human Organs and Tissues Act, 1994) के तहत स्किन डोनेशन की व्यवस्था पहले से मौजूद है। उन्होंने अंग और ऊतक दान (Tissue Donation) को बढ़ावा देने के लिए नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) के प्रयासों की भी सराहना की।
राष्ट्रीय स्तर पर सिस्टम विकसित करने की जरूरत
उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता बढ़ाने, स्किन बैंकों का नेटवर्क एक्सपेंड करने और स्किन कलेक्शन एवं परिवहन के लिए एकीकृत राष्ट्रीय प्रणाली (Integrated National System) विकसित करने की जरूरत है। ऐसा होने से जरूरतमंद मरीजों तक दान की गई स्किन आसानी से पहुंचाई जा सकेगी।
तावड़े ने यह भी बताया कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर स्किन दान की जा सकती है और उसे सुरक्षित तरीके से पांच साल तक संरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्किन डोनेशन के लिए ब्लड ग्रुप या टिश्यू मैचिंग की जरूरत नहीं होती। साथ ही, केवल त्वचा की सबसे बाहरी परत ही निकाली जाती है जिससे दाता के शरीर पर कोई दिखाई देने वाला विकार या विकृति नहीं आती।
‘संसद का अपमान कर रही सरकार’, खड़गे बोले- हम चर्चा के लिए तैयार
मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसद पिछले कई दिनों से रोजाना संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार जवाबदेही से बच रही है। इस मुद्दे पर बात करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आकर बयान देने की मांग की।
