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#metoo में अब आया केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर का नाम, 6 महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप

आरोप लगाए गए हैं कि अकबर ने अखबार के संपादक के तौर पर काम करने के दौरान ऐसा किया। केंद्रीय मंत्री की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई सफाई सामने नहीं आई है।

Author October 10, 2018 4:55 PM
एमजे अकबर (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर छह महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं। आरोप लगाए गए हैं कि अखबार के संपादक के तौर पर काम करने के दौरान अकबर ने ऐसा किया। बता दें कि मीटू कैंपेन के तहत मीडिया, फिल्म और मनोरंजन जगत के नामों के बाद वह पहले राजनीतिक शख्सियत हैं, जिनके ऊपर यह आरोप लगा है। एम जे अकबर अभी नाइजीरिया के दौरे पर हैं। उन्होंने इस मामले से संबंधित सवालों पर ईमेल, कॉल और वॉट्सएप मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया है।

इंडिया टुडे, द इंडियन एक्सप्रेस और मिंट में काम कर चुकीं प्रिया रमाणी ने एमजे अकबर पर होटल के कमरे में बुलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने अक्टूबर 2017 के अपने एक लेख में उस अनुभव को साझा किया था। उन्होंने लिखा कि उनकी उम्र उस समय 23 साल थी और अकबर की 43 साल। संपादक ने उन्हें एक जॉब के इंटरव्यू के सिलसिले में मुंबई के एक होटल में बुलाया था, जहां वे अक्सर ठहरते थे। वे कहती हैं, “जब मैं वहां पहुंची, मुझे इंटरव्यू कम और डेट ज्यादा लगा। मुझे ड्रिंक आॅफर किया गया। हिंदी फिल्मों के गाने गए गए। बेड पर बैठने को कहा गया।” रमाणी ने सोमवार को उस लेख के लिंक को ट्वीट कर कहा, “मेरा यह अनुभव एमजे अकबर के साथ रहा है। पहले मैंने उनका नाम नहीं दिया, क्योंकि मैं कुछ करना नहीं चाहती थी। लेकिन कई महिलाओं के साथ उत्पीड़न हुआ है, शायद वे भी अपने अनुभव को साझा करेंगी।”

वहीं,  1995 से 1997 तक एशियन एज और अन्य प्रकाशनों में अकबर के साथ काम कर चुकीं स्वतंत्र पत्रकार कनिका गहलोत ने कहा, “मैंने रमाणी के लेख को नहीं पढ़ा था। लेकिन उन्होंने कई के साथ ऐसा किया है। मैंने अकबर के साथ तीन वर्षों तक काम किया। लेकिन शुरूआत में ही मुझे एक शख्स ने अागाह कर दिया था।” वह आगे कहती हैं, “मुझे एक बार होटल में बुलाया गया था। अकबर ने कहा कि सुबह में एक साथ नाश्ता करेंगे। हम सब उनकी आदत से वाकिफ हो चुके थे। मैंने उनके बुलावे पर आने के लिए हामी भर दी लेकिन अगले दिन फोन कर कहा कि सॉरी सर! मैं ज्यादा देर तक सोती रह गई और नहीं आ सकी। इसके बाद उन्होंने मुझे परेशान नहीं किया। मैं हमेशा अच्छे से अपना काम करती रही।”

दिल्ली में द एशियन एज की रेजिडेंट एडिटर सुप्रिया शर्मा के मुताबिक, उस समय उनकी उम्र रीब 20 साल थी। वे उस अखबार की लॉन्च टीम का हिस्सा थी, जहां उन्होंने 1993 से 1996 तक काम किया। वे अकबर को रिपोर्ट करती थीं। शर्मा ने बताया कि एक दिन वह अखबार का पेज बना रही थीं और अकबर उनके पीछे खड़े थे। शर्मा बताती हैं, “उन्होंने मेरी ब्रा स्ट्रैप को खींचा और कुछ कहा। मैं तुरंत उनके उपर चिल्लाई।” इसके कुछ दिनों बाद की एक घटना को याद करते हुए वह कहती हैं कि उन्होंने एक टीशर्ट पहनी थी, जिसके उपर कुछ लिखा हुआ था। इस दौरान अकबर घूमते हुए केबिन में आए और मेरे सीने की ओर देखते हुए कुछ कहा, जिसे मैंने अनसुना कर दिया।

एक अन्य घटना को लेकर शर्मा ने बताया, “एक महिला जिसने उसी समय आॅफिस ज्वाइन किया था, शॉर्ट्स पहनकर आई थी। इस दौरान अकबर अपने केबिन से बाहर आए। जब वह महिला कुछ उठाने के लिए जमीन पर झुंकी तो उन्होंने मेरी ओर इशारा करते हुए पूछा कि ये कौन है?” शर्मा कहती हैं, ” यह असहज और शर्मनाक स्थिति थी। ऐसा करना उनका प्रतिदिन का काम था। कोई इससे बचा हुआ नहीं था और उस समय ऐसी कोई कमेटी नहीं थी, जहां जाया जा सके।”

शर्मा ने कहा कि कम से कम तीन महिलाओं ने उन्हें यौन दुर्व्यवहार के बारे में बताया। शर्मा के मुताबिक, “उन्होंने लगभग सभी महिलाओं का उसी तरह से पीछा किया। होटल में मीटिंग, उनके काम को रोके रहना, उन्हें शहर से बाहर भेजना और फिर उन्हें होटल में मिलने की व्यवस्था करना, या फिर उन्हें कार ट्रिप पर साथ लेकर जाना। उन्होंने ज्यादातर उन युवा महिलाओं पर शिकार बनाया, जो अकेली रहती थीं। नौकरी करना चाहती थी और अपना करियर बनाना चाहती थीं।”

लेखिका शुमा राह ने बताया कि उन्हें एशियन एज में नौकरी के सिलसिले में एमजे अकबर के साथ एक इंटरव्यू के लिए 1995 में कोलकाता के ताज बंगाल होटल में बुलाया गया था। वे कहती हैं, “जब लॉबी में पहुंची, मुझे ऊपर आने कहा गया। मैंने ज्यादा नहीं सोचा। लेकिन इंटरव्यू के दौरान बेड पर बैठना मुझे काफी असहज लगा। अकबर ने मुझे जॉब आॅफर किया और कहा कि क्यों नहीं आप कभी मेरे साथ ड्रिंक पर आएं?” राहा ने कहा कि मैं इस टिप्पणी से डर गई अौर नौकरी नहीं ज्वाइन किया।

पत्रकार प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने एमजे अकबर का नाम लिए बिना इसी तरह की एक घटना के बारे में 7 अक्टूबर को ट्वीट किया। वे कहती हैं, “एक ‘प्रख्यात’ संपादक ने मुझे ‘काम पर चर्चा’ करने के लिए होटल में बुलाया और फिर जब मैंने मना कर दिया तो पढ़ रहे मैगजीन को बेड पर रख दिया।” सोमवार (8 अक्टूबर) को बिंद्रा ने अकबर का नाम शामिल किया। वे कहती हैं, “जब मैंने रात में होटल के कमरे में जाने से मना कर दिया, चीजें बुरी होने लगी। एक बार जब पूरी टीम की मीटिंग हो रही थी, उस समय भी अकबर ने भद्दी टिप्पणी की थी। बाद में एक और लड़की ने मुझे बताया था कि उसे भी होटल के कमरे में मिलने के लिए बुलाया गया था। मैं शहर में अकेली रह रही थी, इसलिए चुप रही। मंगलवार को अकबर के खिलाफ एक और पत्रकार सामने आयी। शतापा पॉल ने रमाणी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, “मी टू। एमजे अकबर 2010-11 कोलकाता में इंडिया टुडे में काम करने के दौरान।”

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