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गंगा यात्रा पर पहुंचे थे सीएम योगी आदित्यनाथ, सामने आकर छह महिलाएं करने लगीं विरोध, पुलिस ने दर्ज की FIR

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहले फैसला दिया था कि गांव की जमीन हस्तिनापुर अभयारण्य से संबंधित है। इसके बाद वन विभाग ने निवासियों को वह जगह खाली करने का नोटिस जारी किया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गंगा यात्रा का शुभारंभ किया था। इस शुभारंभ समारोह को दौरान विरोध दर्ज करने के आरोप में बिजनौर पुलिस ने छह अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, महिलाएं रामपुर थका गांव से हैं। महिलाओं का कहना था कि वन विभाग ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। महिलाएं उसी कब्जे के विरोध में सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने विरोध दर्ज कराने पहुंची थीं।

कोतवाली थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बाताया, “सोमवार को कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के एक समूह ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसलिए पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों ने भी उन्हें आश्वासन दिया कि मामले को देखा जाएगा, लेकिन वे अपनी जिद्द पर अड़े रहे। उनलोगों के ऊपर सुरक्षाकर्मियों को उनका काम करने से रोकने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।”

पुलिस के अनुसार, बिजनौर में गंगा के किनारे से लगभग 10 किमी दूर जमीन से संबंधित एक मामला 2011 से उच्च न्यायालय में लंबित है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहले फैसला दिया था कि रामपुर थाका गांव की भूमि हस्तिनापुर अभयारण्य से संबंधित है। इसके बाद वन विभाग ने निवासियों को वह जगह खाली करने का नोटिस जारी किया था।

योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गंगा यात्रा का शुभारंभ करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरह दिल्ली सरकार भी कर्तव्य का निर्वहन करती तो यमुना भी उतनी निर्मल हो जाती जितनी कानपुर मे गंगा। मुख्यमंत्री ने गंगा पूजन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब 2014 में काशी चुनाव लड़ने गये थे तो उन्होंने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। उन्होंने गंगा को स्वच्छ करने के लिए अपना वादा निभाते हुए नमामि गंगे परियोजना बनाई जिसकी वजह से कानपुर मे भी गंगा निर्मल हो गयी।

सीएम ने बताया कि इसीलिए बिजनौर और बलिया से आज निकल रही दोनों गंगा यात्रा 31 जनवरी को कानपुर मे मिलेंगी क्योंकि कानपुर नमामि गंगे का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु था। मुख्यमंत्री ने गंगा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा से लगे इलाकों की जमीन इतनी उर्वर है कि विश्व की 40 प्रतिशत आबादी का पेट भर सकती है। उन्होंने गंगा किनारे के गांवो के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बताया कि गंगा किनारे के हर जिले मे एक नर्सरी खुलेगी जिससे किसान खेत की मेड़ पर लगाने के लिए मुफ्त फलदार वृक्ष ले सकेंगे और मार्केटिंग भी सरकार कराएगी।

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