ईरान में जनवरी में सरकार-विरोधी रैलियों के दौरान मारे गए लोगों के ‘चालीसवें’ के बाद शनिवार को विरोध प्रदर्शन हुए। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान में पढ़ाई कर रहे इस केंद्र शासित प्रदेश के छात्रों से मंगलवार को अपील की कि वे केंद्र सरकार की एडवाइजरी का पालन करें और यात्रा पूरी होने से पहले ही वहां से लौट आएं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी लेटेस्ट एडवाइजरी में अपने नागरिकों से वाणिज्यिक उड़ानों सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों द्वारा ईरान छोड़ने की अपील की है। इस सबके बीच ईरान में रह रहे भारतीय छात्रों ने वहां के हालात बताए।
ईरान की स्थिति पर भारतीय छात्र मुसैद ने कहा, “ईरान के भीतर स्थिति ठीक है लेकिन बाहरी हालात बेहद खराब हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में युद्ध छिड़ जाएगा और कई हालात बिगड़ेंगे। हमारी कुछ परीक्षाएं निर्धारित हैं। हम भारतीय दूतावास से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे विश्वविद्यालय और ईरान के मंत्रालय से बात करके उन्हें स्थगित करवा दें ताकि स्थिति सामान्य होने तक हम भी घर जा सकें। हमने अपनी यूनिवर्सिटी से संपर्क किया लेकिन उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल उनका नहीं बल्कि ईरान के मंत्रालय का है।” उन्होंने कहा कि ईरान में स्थिति फिलहाल स्थिर है, हवाई अड्डे खुले हैं और वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं।
भारत सरकार की ईरान में रह रहे भारतीयों को एडवाइजरी
उमर अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा,”मैं छात्रों से कहूंगा कि कृपया भारत सरकार की इस सलाह को नजरअंदाज न करें अन्यथा यह हमारे लिए एक समस्या बन सकती है।” अब्दुल्ला ने कहा, ”मैं वहां रह रहे सभी छात्रों और काम करने वालों से अपील करता हूं कि जो लोग इस सलाह को नजरअंदाज नहीं करते, वे अपने टिकट बुक करें और ईरान छोड़ दें।” उन्होंने आगे कहा, ”विदेश मंत्रालय ने यह सलाह अनावश्यक रूप से जारी नहीं की है। ईश्वर न करे, अगर स्थिति बिगड़ती है, तो हमारे लिए यह एक समस्या बन जाएगी कि उन्हें वहां से कैसे निकाला जाए। मैं उनसे अपील करता हूं कि वे इस सलाह को गंभीरता से लें और वहां से निकल जाएं।”
उमर अब्दुल्ला की छात्रों से अपील
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने मंगलवार को ईरान में अध्ययन कर जम्मू-कश्मीर के छात्रों से तुरंत वहां से वापस आने की अपील की और कहा कि अगर हवाई क्षेत्र बंद हो गया तो उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो जाएगा। अब्दुल्ला ने कहा कि छात्रों के माता-पिता परेशान हों, उन्हें उससे पहले ही ईरान छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं जम्मू-कश्मीर के छात्रों से कहना चाहता हूं कि वे तुरंत वहां से निकल जाएं। कल हवाई क्षेत्र बंद हो गया तो उनके अभिभावक परेशान हो सकते हैं। परामर्श जारी हो चुका है, इसलिए उन्हें अपना सामान समेटकर घर लौट आना चाहिए। अन्यथा उन्हें बाहर निकालना कठिन हो जाएगा।”
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका, ईरान पर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। लंबे समय से दोनों देशों के बीच बातचीत बेनतीजा रही है। जानकारों का मानना है कि अगर यही सिलसिला जारी रहा तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर स्ट्राइक की घोषणा कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
