महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची सोमवार को जारी कर दी गई। हालांकि मतदाताओं ने ऑनलाइन सूची देखने और उसमें अपना नाम खोजने में दिक्कतों की शिकायत की। इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि नाम खोजने की सुविधा पर अभी काम चल रहा है और इसे मंगलवार शाम या बुधवार तक उपलब्ध करा दिया जाएगा।

ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुताबिक, SIR से पहले सूची में दर्ज 9.78 करोड़ मतदाताओं में से 2.07 करोड़ के नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए जा सके हैं।

SIR शुरू होने से पहले महाराष्ट्र की मतदाता सूची में कुल 9,78,54,049 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 7,71,65,562 मतदाताओं यानी 78.86 फीसदी के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए हैं।

चुनाव आयोग ने क्या-कुछ कहा?

वहीं 2,06,88,487 मतदाताओं यानी 21.14 फीसदी के नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इसकी वजह यह है कि इन मतदाताओं के Enumeration Forms (गणना फॉर्म) जमा नहीं हो सके।

हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 2.07 करोड़ का यह आंकड़ा उन मतदाताओं की अंतिम संख्या नहीं है जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब करीब एक महीने तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा। इस दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, वे अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए मतदाताओं को ‘अनुपस्थित/नहीं मिले’, ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’, ‘मृत’, ‘कहीं और पहले से पंजीकृत/डुप्लीकेट’ और ‘अन्य’ कैटेगिरी में बांटा गया है। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने कहा कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान इन आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

पुणे, ठाणे और मुंबई उपनगर में कितने मतदाताओं के नाम कटे

ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए मतदाताओं की सबसे बड़ी संख्या महाराष्ट्र के प्रमुख शहरी जिलों में है। पुणे में सबसे ज्यादा 28,66,481 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। इसके बाद ठाणे में 28,59,377 और मुंबई उपनगर में 26,58,202 मतदाता हैं।

इन तीनों जिलों को मिलाकर कुल 83,84,060 मामले हैं जो राज्यभर में ड्राफ्ट सूची से बाहर रह गए कुल मतदाताओं का करीब 40.5 फीसदी है।

इसके अलावा नागपुर में 14,43,267, नासिक में 10,27,792 और मुंबई शहर में 9,50,720 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। वहीं पालघर में 6,68,709, औरंगाबाद में 6,07,660 और रायगढ़ में 5,84,118 मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं।

मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद अपना नाम चेक करने की कोशिश कर रहे मतदाताओ के बीच भी भ्रम की स्थिति देखने को मिली। हालांकि, सोमवार शाम तक चुनाव आयोग के मुख्य पोर्टल पर मतदाता सूची की PDF अपलोड कर दी गई थी लेकिन इनमें मतदाताओं की तस्वीरें नहीं थी। इसके साथ ही वोटर आईडी या EPIC नंबर से सीधे नाम सर्च करने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मतदाताओं को संबंधित PDF डाउनलोड करके उसमें अपना नाम खुद खोजना पड़ा रहा था।

कई मतदाताओं ने मौजूदा मतदाता सूची और SIR ड्राफ्ट के बीच पोलिंग स्टेशन के पार्ट नंबर में बदलाव को लेकर भी भ्रम की शिकायत की। पार्ट नंबर बदलने की वजह से कुछ मतदाताओं को डर था कि कहीं उनका नाम ड्राफ्ट सूची से हटा तो नहीं दिया गया है।

नाम खोजने की सुविधा को लेकर मिल रही शिकायतों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एसय चोक्कलिंगम ने कहा कि इस सुविधा को अभी तैयार किया जा रहा है और यह ‘मंगलवार शाम या बुधवार तक’ उपलब्ध हो जाएगी। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने भी कहा कि यह सुविधा मंगलवार तक शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची को जिला प्रशासन की ओर से भी अपलोड किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन मशीनरी के मुताबिक, ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए कुल 2,06,88,487 मतदाताओं में:

-75.52 लाख अनुपस्थित/नहीं मिले (Absent/Not Found)
-76.80 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित (Permanently Shifted)
-34.81 लाख मृत (Dead)
-17.63 लाख कहीं और पहले से पंजीकृत/डुप्लीकेट (Already Enrolled Elsewhere/Duplicate)
-2.23 लाख अन्य कारण (Others)

हालांकि चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाता अपना नाम दोबारा शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने कहा कि इन श्रेणियों में नाम आने का यह मतलब अपने आप यह नहीं है कि मतदाता का नाम अंतिम सूची से हटा दिया जाएगा। उदाहरण के लिए डुप्लीकेट पंजीकरण के मामले में किसी एक जगह से नाम हटाया जा सकता है। लेकिन अगर व्यक्ति किसी दूसरी जगह वैध रूप से रजिस्टर्ड है तो उसका नाम पूरी मतदाता सूची से नहीं हटेगा।

‘अनुपस्थित/नहीं मिले’ (Absent/Not Found) कैटेगिरी में उन मतदाताओं को रखा गया है जिनके बारे में अधिकारी यह पता नहीं लगा सके कि वे मौजूदा वक्त में कहां हैं। हो सकता है कि वे कहीं और चले गए हों या किसी अन्य कारण से अपने पते पर मौजूद ना रहे हों। वहीं ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (Permanently Shifted) श्रेणी में उन मतदाताओं को रखा गया है जिनके बारे में अधिकारियों के पास जानकारी थी कि वे अपने दर्ज पते से कहीं और चले गए हैं।

चुनाव अधिकारियों ने ऐसे मतदाताओं की सूची भी जारी की है जिनके नाम SIR से पहले की मतदाता सूची में थे लेकिन ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके। इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अन्य (ASDDO) कारणों के आधार पर जानकारी दी गई है।

ये सूचियां महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर भी इन्हें प्रदर्शित किया जा रहा है।

30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे

ड्राफ्ट मतदाता सूती पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया 31 अगस्त से 30 सितंबर तक चलेगी। जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे निर्धारित घोषणा के साथ फॉर्म 6 भरकर अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

वहीं जो नए मतदाता 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं या कर लेंगे, वे भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

किसी मतदाता को किसी खास व्यक्ति का नाम सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति है तो इसके लिए फॉर्म 7 का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं नाम, पता, उम्र और लिंग जैसी जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म 8 के जरिए आवेदन किया जा सकता है।

288 निर्वाचन अधिकारियों के पास होगी जिम्मेदारी

दावों, आपत्तियों और नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया की जिम्मेदारी 288 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (Electoral Registration Officers-ERO) को दी गई है। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक ERO होगा। इसके अलावा 7000 से ज्यादा Assistant Electoral Registration Officers (AERO) भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।

अधिकारियों के स्तर पर यह प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक जारी रहने वाली है। इसके बाद महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।

2002-04 की मतदाता सूची से मैपिंग में भी जांच

चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं के लिए भी नोटिस जारी करने का प्रावधान किया है जिनका नाम 2002-04 की मतदाता सूचियों से मैप नहीं हो सका है। इसके अलावा जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है लेकिन उनमें किसी तरह की गड़बड़ियां मिली है, उन्हें भी नोटिस दिया जा सकता है।

ऐसे मतदाता निर्धारित दस्तावेज या अन्य वैध दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इन दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही उनके नाम को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि के दौरान हर विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से प्राप्त दावों और आपत्तियों की सूची हर सप्ताह तैयार की जाएगी। ये सूचियां संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

SIR की प्रक्रिया के दौरान पोलिंग स्टेशनों की संख्या में भी मामूली बदलाव किया गया है। राज्य में पोलिंग स्टेशनों की संख्या 1,00,253 से घटकर 1,00,216 हो गई है। इस दौरान 394 नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए जबकि 431 को हटा दिया गया।

इसके अलावा 1,403 पोलिंग स्टेशनों के स्थान बदले गए हैं। इनमें मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे और पालघर के कुछ पोलिंग स्टेशन भी शामिल हैं। ये स्टेशन पहले अस्थायी ढांचों में ऑपरेट हो रहे थे जिन्हें अब उसी पोलिंग स्टेशन क्षेत्र के भीतर स्थायी परिसरों में ट्रांसफर कर दिया गया है।

ड्राफ्ट मतदाता सूची नागरिकों के लिए चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकरी की वेबसाइट और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियो की वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

दिल्ली SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 47.7 लाख नाम कटे

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। ड्राफ्ट जारी करने की तारीख में तीन बार बदलाव के बाद इसे अब प्रकाशित किया गया है। रिवाइज की गई नई टाइमलाइन के मुताबिक, अंतिम मतदाता सूची अब 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को जारी की जाएगी।