Meenakshi Natarajan Nomination Rejection ECI: कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द करने के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के फैसले की तुलना “2+2=7” कहने से की।
उन्होंने कहा कि यह आदेश कानूनी रूप से गलत है और कानून को पूरी तरह गलत तरीके से समझने पर आधारित है। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल की चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सिंघवी ने कहा कि पार्टी ने विस्तार से कानूनी तर्क पेश किए हैं। इनसे साबित होता है कि रिटर्निंग ऑफिसर का आदेश गलत और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ है।
सिंघवी ने कहा, “हमने उन्हें (चुनाव आयोग को) बता दिया है और हमने अपने अनुसार, बिना किसी संदेह या विवाद के यह साबित कर दिया है कि चुनाव आयोग ने एक गलत आदेश पारित किया है। यह आदेश ऐसा है जैसे 2+2=7 लिखा हो, न कि 4।”
कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, भूपेश बघेल और मीनाक्षी नटराजन सहित कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में दखल देने की मांग की। पार्टी की कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए, सिंहवी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए का हवाला दिया।
सिंघवी के अनुसार, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा बताया गया मामला संज्ञान लेने की अवस्था तक भी नहीं पहुंचा था, आरोप तय करने की बात तो दूर की है। उन्होंने कहा, “नटराजन को केवल अदालत में पेश होने और संज्ञान न लेने का कारण बताने के लिए नोटिस मिला था। इसका मतलब है कि संज्ञान लेने से पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। संज्ञान के बिना, कानून की नजर में कोई आपराधिक मामला बनता ही नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने क्या तर्क दिए
कांग्रेस नेता ने तर्क दिया कि नॉमिनेशन को उस स्टेज पर ही रद्द कर दिया गया जो कानून द्वारा जानकारी देने के लिए तय स्टेज से बहुत पहले की है। उन्होंने इस फैसले को बहुत बुरा, साफ तौर पर गलत और पूरी तरह गैर-कानूनी बताया।
उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी आग्रह किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए चुनाव प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों को लंबी कानूनी कार्यवाही करने के लिए मजबूर करने के बजाय तत्काल सुधारात्मक राहत दें।
सिंघवी ने हरियाणा और गुजरात का हवाला दिया
सिंघवी ने हरियाणा और गुजरात के उदाहरणों का भी हवाला दिया, जहां चुनाव आयोग ने नामांकन पत्रों को कथित तौर पर गलत तरीके से खारिज किए जाने के मामलों में दखल दिया था। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है और उम्मीद जताई है कि इस मामले की जल्दी जांच की जाएगी।
बैठक के बाद वेणुगोपाल ने कहा, “उन्होंने कहा कि वे इस मामले की जांच करेंगे।” मध्य प्रदेश कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र मंगलवार को खारिज होने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रख पाएगी या नहीं इस सवाल का कोई साफ जवाब नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन आज खारिज कर दिया गया, जिसके चलते विपक्ष कुछ हद तक बैकफुट पर आ गयी है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
