Singapore is a great source of FDI for India says PM Narendra Modi on his International Visit - नरेंद्र मोदी बोले, 'FDI का बड़ा जरिया सिंगापुर, स्प्रिंग बोर्ड जैसे यूज करती हैं भारतीय कंपनियां' - Jansatta
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नरेंद्र मोदी बोले, ‘FDI का बड़ा जरिया सिंगापुर, स्प्रिंग बोर्ड जैसे यूज करती हैं भारतीय कंपनियां’

भारतीय पीएम दो दिवसीय दौरे के दूसरे और आखिरी दिन यहां के पीएम ली हसीन लूंग से मिले। उन्होंने इससे पहले राष्ट्रपति हलिमा याकूब से भी मुलाकात की थी। बता दें कि पीएम बनने के मोदी यह तीसरा सिंगापुर का दौरा है। वह इससे पहले इंडोनिशा और मलेशिया के दौरे पर थे।

सिंगापुर के पीएम से हाथ मिलाते हुए नरेंद्र मोदी। (फोटोः टि्वटर)

सिंगापुर में शुक्रवार (1 जून) को नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय दौरे का आखिरी दिन था। उन्होंने कहा कि भारत के लिए सिंगापुर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का बड़ा जरिया है। भारत की कंपनियां इसको स्प्रिंग बोर्ड की तरह यूज करती हैं। हम भी आने वाले समय में अपनी ओर से सहयोग बढ़ाएंगे। पीएम मोदी ने ये बातें सिंगापुर के पीएम ली हसीन लूंग के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं।

भारतीय पीएम इससे पहले राष्ट्रपति हलिमा याकूब से मिले थे। बता दें कि पीएम बनने के मोदी यह तीसरा सिंगापुर का दौरा है। वह इससे पहले इंडोनिशा और मलेशिया के दौरे पर थे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जल्द ही यहां पर डिजिटल इंडिया के तहत नीति बनेगी। भारत जल्द ही सिंगापुर में डिजिटल सहयोग बढ़ाएगा। यह देश एफडीआई का बड़ा जरिया है। यहां से निवेश बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच एयर ट्रैफिक तेजी से बढ़ रहा है। भारत और सिंगापुर जल्द ही द्विपक्षीय वायु सेवा समझौते की समीक्षा शुरू करेंगे।

पीएम आगे बोले, “रूपे, भीम और यूपीआई आधारित ऐप का सिंगापुर में कल शाम अंतर्राष्ट्रीय लॉन्च डिजिटल इंडिया और हमारी भागीदारी की भावना को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “बार-बार होने वाले अभ्यासों तथा नौसैनिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए नौसेनाओं के बीच लॉजिस्टिक समझौता हुआ है। मैं इसका स्वागत करता हूं। आने वाले समय में साइबर सिक्योरिटी और अतिवाद-आतंकवाद से निपटना हमारे सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे।”

वहीं, सिंगापुर के पीएम लूंग बोले, “हमारे रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं। हमारी नौसेनाओं ने आज समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनके तहत लॉजिस्टिक्स पर सहमति बनी है। भारत-सिंगापुर ने इसी के साथ एनईटीएस और रूपे जैसे पेमेंट सिस्टम यहां लॉन्च किए हैं।”

पीएम मोदी ने बताया, “मुझे यह देखकर खुशी हुई कि कई अहम कंपनियों के सीईओ भारत की ओर विश्वास के साथ उम्मीदें लगाए हैं। भारतीय कंपनियां न केवल सिंगापुर को स्प्रिंग बोर्ड की तरह इस्तेमाल करती है, बल्कि वे समूचे आसियान क्षेत्र का लाभ लेती हैं। भारत की प्रगति, विकास और मौकों के साथ सिंगापुर की कंपनियों का विकास भी होगा।”

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