पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के उभरते गायक सिद्धू मूसेवाला की आज से ठीक 4 साल पहले गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। 29 मई, 2022 को जब मूसेवाला अपने घर से निकले तो फिर कभी वापस नहीं लौटे। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनकी हत्या कर दी थी। मूसेवाला के साथ तब उनके दो दोस्त गुरविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह भी थे।

इस मामले में कुल 38 आरोपियों का नाम शामिल है। जिला और सत्र न्यायालय अब तक 59 सुनवाईयां कर चुका है और यह मामला काफी जटिल हो गया है। इसमें गैंगस्टर, मुखबिर और विदेशों में रह रहे लोग भी शामिल हैं।

34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसमें से पुलिस 29 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बचे हुए लोगों में से एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए अनमोल बिश्नोई को अभी तक पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया है। 26 आरोपी भारत की कई जिलों में बंद हैं। इस मामले की जांच शुरू होने के बाद से चार आरोपियों की मौत हो चुकी है और छह आरोपी अभी भी फरार हैं। इनमें गोल्डी बराड़, जीवन जोत व अन्य के नाम शामिल हैं।

सिद्धू मूसेवाला की चौथी पुण्यतिथि के मौके पर उनके गांव मूसा में बड़ी संख्या में लोग जुटे। इस दौरान उनके पिता बलकौर सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना की।

पिता बोले- समझौता करने का बढ़ रहा दबाव

बलकौर सिंह ने कहा, “आप अच्छी तरह जानते हैं कि उन्होंने मेरे परिवार के साथ क्या किया है। वे न केवल मेरे बेटे का शव ले गए, बल्कि अब उसकी विरासत को भी मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने का अनुरोध किया था और यदि कानून इसकी इजाजत नहीं देता है, तो उन्हें रिहा कर दें।” पिता ने कहा कि उन पर समझौता करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

लॉरेंस को धमकियां देने के लिए रखा है- बलकौर सिंह

पिता ने कहा, “आप मुझे मार सकते हैं, मेरा पूरा परिवार बर्बाद कर सकते हैं लेकिन मैं अपनी पार्टी कभी नहीं छोड़ूंगा। भाजपा ने लॉरेंस बिश्नोई को धमकियां देने के लिए रखा है। अब हर हफ्ते एक धमकी आती है। मुझे बताइए, क्या लॉरेंस बिश्नोई सचमुच जेल में बैठकर ये धमकियां दे रहा है या सरकारें सिर्फ डर का माहौल बनाने के लिए गुंडों का इस्तेमाल कर रही हैं?”

अप्रैल 2026 में बलकौर सिंह ने अपने वकील सतिंदर पाल सिंह मित्तल के जरिये अदालत में एक आवेदन दायर किया था। इसमें उन्होंने चार आरोपियों – नवजोत सिंह उर्फ ​​ज्योति पंढेर, कंवरपाल सिंह ग्रेवाल, अवतार सिंह और जीवनजोत सिंह उर्फ ​​जुगनू के मामले में क्या स्थिति है, इसकी जानकारी मांगी थी। आरोप था कि पुलिस ने इनके बारे में कोई रिपोर्ट दाखिल नहीं की थी।

मई, 2026 में मानसा में सत्र न्यायाधीश मंजिंदर सिंह के सामने दायर रिपोर्ट में मानसा पुलिस ने कहा था कि जुगनू एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण इस साजिश में फंस गया, जिसे उसने बाद में डिलीट कर दिया था। सबूत न होने के कारण, पुलिस ने उसे निर्दोष घोषित कर दिया।

बाकी तीन लोगों से पूछताछ जारी है। अवतार सिंह मूसा गांव में सिद्धू के घर से कुछ ही दूरी पर रहता है। पुलिस को शक है कि उसने अपने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए जासूसी की थी।

शक है कि नवजोत और कंवरपाल कनाडा में रह रहे हैं। दोनों कभी सिद्धू के करीबी हुआ करते थे लेकिन बाद में उनके रिश्तों में खटास आ गई थी। एसआईटी की चार्जशीट में इन चारों को आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत नामजद किया गया था। जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत मन्ना को पुलिस ने मुठभेड़ों में मार गिराया था।

सुप्रीम कोर्ट ने दो आरोपियों पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को जमानत दे दी थी। अदालत ने पूछा था, “जेल के अंदर से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कैसे किया गया? क्या आपकी जेल के अधिकारी भी इस साजिश में शामिल हैं?”

अलग हुए लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़

मूसेवाला की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ अलग हो गए हैं। मूसेवाला के चाचा चमकौर सिंह का कहना है कि बलकौर सिंह ने राज्य सरकार के मीडिया विभाग से जुड़े दो लोगों के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। इनमें से एक व्यक्ति अब कांग्रेस की मीडिया सेल में है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि दोनों की भी जांच की जाए।

मूसेवाला की हत्या के मामले में दो प्रमुख पंजाबी गायकों से भी पूछताछ की जा रही है हालांकि उनके नाम अभी तक आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं किए गए हैं।

परिवार को मिल रही जान से मारने की धमकियां

कुल मिलाकर, चार साल बाद भी सिद्धू मूसेवाला के परिवार की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। चमकौर सिंह ने बताया कि परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और सरकार ने इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा, “हर दिन तरह-तरह की धमकियां आती रहती हैं। पिछले दो महीनों में ही चार धमकियां आ चुकी हैं। लेकिन हमारी बात कौन सुनता है?” चमकौर सिंह ने पूछा, “यह कैसी व्यवस्था है जहां गुंडे जेल के अंदर से धमकियां भेज सकते हैं?”

धरने पर बैठे सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता

सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता ने मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।