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पाक आर्मी चीफ को गले लगाने पर बोले सिद्धू- एक सेकेंड की झप्‍पी थी, कोई रफाल डील नहीं

करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नारोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने वहां अपने जीवन के 18 वर्ष से अधिक समय बिताया था। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा रावी नदी के किनारे स्थित है।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू। Express Photo by Kamleshwar Singh

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने लाहौर में करतारपुर को ‘‘अनंत संभावनाओं वाला गलियारा’’ बताते हुए मंगलवार (27 नवंबर, 2018) को कहा कि ऐसी पहल से शांति को बढ़ावा मिलेगा और भारत और पाकिस्तान के बीच ‘‘शत्रुता’’ मिटेगी। सिद्धू भारतीय पत्रकारों के एक समूह के साथ लाहौर आये हैं ताकि वह लाहौर से करीब 120 किलोमीटर दूर नारोवाल में करतारपुर गलियारे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शामिल हो सकें।

वाघा सीमा पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। वहीं पंजाब सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार (27 नवंबर, 2018) को पाकिस्तानी सरजमीं से रफाल डील का जिक्र किया। उन्होंने अपनी पिछली यात्रा के दौरान पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा को गले लगाने पर हुई आलोचना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा,”ये झप्पी मुश्किल से एक सेंकेंड के लिए थी कोई रफाल डील नहीं थी। जब दो पंजाबी मिलते हैं तो वे एक-दूसरे से गले मिलते हैं। ये पंजाब में बेहद सामान्य बात है।”

बता दें कि चार किलोमीटर लंबा करतारपुर गलियारा भारत के गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान में नारोवाल में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब से जोड़ेगा। यह गलियारा भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे तक वीजा मुक्त पहुंच मुहैया कराएगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार (28 नवंबर, 2018) को गलियारे की आधारशिला रखेंगे। सिद्धू ने इस गलियारे को संभव बनाने के लिए खान को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच शांति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इससे दोनों देशों के बीच शत्रुता मिटेगी।’’

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘इमरान खान ने तीन महीने पहले जो बीज बोये थे वह अब एक पेड़ बन गया है। सिख समुदाय के लिए यह खुशी का पल है कि बाबा गुरु नानक का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बिना किसी परेशानी के करतारपुर पहुंचने के लिए एक गलियारा मिल जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि गलियारा खुलने से 73 वर्षों का इंतजार समाप्त हो गया है। सिद्धू ने कहा, ‘‘करतारपुर गलियारा शांति का पथ साबित होगा।’’ उन्होंने इसे ‘‘अनंत संभावनाओं वाला गलियारा’’ करार दिया और कहा कि ऐसी पहलों से (दोनों देशों के बीच) शांति को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध बहाली के बारे में पूछे जाने पर सिद्धू ने कहा, ‘‘दोनों देशों में ऐसे कई कलाकार और क्रिकेटर हैं जिन्हें सभी प्यार करते हैं और भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच होने चाहिए।’’

उन्होंने कहा,‘‘इमरान खान, वसीम अकरम और जावेद मियांदाद के भारत में कई प्रशंसक हैं, इसी तरह से पाकिस्तान में शाहरुख और सलमान खान के काफी प्रशंसक हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘धर्म को राजनीति की आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए।’’ पाकिस्तान यात्रा करने के उनके निर्णय की आलोचना संबंधी सवाल पर सिद्धू ने कहा, ‘‘जो मेरी आलोचना करते हैं मैं उन लोगों को माफ करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं बचपन से ही इमरान खान का प्रशंसक रहा हूं।’’

करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित नारोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने वहां अपने जीवन के 18 वर्ष से अधिक समय बिताया था। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा रावी नदी के किनारे स्थित है। सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और भारत के पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरदासपुर में गलियारे की आधारशिला रखी थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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