उत्तराखंड के चार धामों में आजकल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आ रही है। खास तौर से केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो रही है और जिसने पिछले चार वर्षों के रिकार्ड तोड़ दिए हैं। केदारनाथ मंदिर पैदल जाने वाले रास्ते में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को रात दिन एक करना पड़ रहा है। रात के समय भी यात्रा जारी रहने के कारण भीड़ लगातार बढ़ रही है। जिला रुद्रप्रयाग के प्रशासन ने व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से शटल सेवा शुरू कर दी है। इससे भीड़ नियंत्रित होने में आसानी हो रही है।

क्या है तैयारी, कैसे होगा फायदा?

सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पुलिस और प्रशासन शटल सेवा को संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उच्च स्तरीय बैठक कर चारधाम यात्रा की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे की देखरेख में चारों धाम की यात्रा का संचालन किया जा रहा है। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा समन्वित रूप से व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रा सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो हो सके। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण एवं सुगम संचालन किया जा रहा है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रियों की आवाजाही हेतु पर्याप्त संख्या में शटल वाहन संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि श्रद्धालु निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, कतार व्यवस्था बनाए रखें तथा पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करें। सभी की सहभागिता से ही श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित बनाया जा सकता है।

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