श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फाइनल राउंड के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद पर चुनने के लिए 18 उम्मीदवारों को शार्टलिस्ट किया है। ट्रस्ट ने देश भर से आए 5,000 से अधिक आवेदनों की 20 दिनों में स्क्रीनिंग करने के बाद इन उम्मीदवारों को शार्टलिस्ट किया है।

ट्रस्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सामने के बाद पिछले माह इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। सूत्रों के मुताबिक, शार्टलिस्टेड किए गए उम्मीदवारों में से अधिकतर रिटायर प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व वरिष्ठ कार्पोरेट कार्यकारी और रिटायर रक्षा अधिकारी शामिल हैं।

कब होगा आखिरी फैसला?

इस पद के लिए ट्रस्ट आखिरी फैसला 11 और 12 अगस्त को होने वाली आमने-सामने के इंटरव्यू के बाद लेगा। इस दौरान पैनल न सिर्फ उनके प्रोफेशनल अनुभव को परखेगा, बल्कि इस भूमिका के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अयोध्या से बाहर काम करने की उनकी इच्छा को भी देखेगा।

सीईओ में क्या-क्या देख रहा ट्रस्ट?

सीईओ पद के लिए जरूरी योग्यताओं में रिटायर होना, 50 से 70 साल की उम्र का हिंदू होना, बड़े संस्थानों को चलाने का कम से कम 20 साल का अनुभव होना और भगवान राम के प्रति समर्पित होना शामिल था।

सिलेक्शन कमेटी के एक सदस्य ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “हमने अपने तय किए गए मानदंडों के आधार पर 5000 से अधिक आवेदनों को छांटा। हमने कुछ आवेदकों के साथ वर्चुअल बातचीत भी की ताकि कुछ बातों को साफ किया जा सके और उनकी राय समझी जा सके। पिछले 20 दिनों में चली चयन प्रक्रिया के आधार पर, अंतिम इंटरव्यू के लिए लगभग 18 नाम तय किए गए हैं।”

कमेटी के सदस्य ने कहा कि अंतिम इंटरव्यू यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि क्या उम्मीदवार ट्रस्ट के कामकाज के अनोखे स्वरूप को संभाल सकते हैं या नहीं। इस कामकाज में संस्थागत प्रबंधन के साथ-साथ एक बड़े धार्मिक और सार्वजनिक संस्थान का रोजमर्रा का संचालन भी शामिल है।

समिति के सदस्य ने कहा, “देखिए, (सीईओ पद के लिए) वह व्यक्ति असाधारण होना चाहिए। उसे किसी बड़े संगठन को चलाने का पहले से अनुभव होना चाहिए, लेकिन साथ ही, यह एक सार्वजनिक जगह है जहाँ रोजमर्रा के कामकाज को संभालने की जरूरत होती है। CEO को अयोध्या में ही रहना होगा और उन्हें लोगों और कर्मचारियों को संभालने में भी माहिर होना चाहिए, साथ ही खास मेहमानों और बड़े संतों के दौरों का इंतजाम भी देखना होगा।”

सीईओ को क्या-क्या जिम्मेदारी संभालना होगा?

सदस्य के मुताबिक, सीईओ पद के लिए आए व्यक्तियों से कई अहम जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा की जाएगी।

  • ट्रस्ट के कामकाज को चलाना: CEO के तौर पर इसके कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय काम संभालना।
  • सिस्टम बनाना: ट्रस्ट की बढ़ती गतिविधियों के हिसाब से सिस्टम और प्रक्रियाएँ विकसित करना।
  • संगठन बनाना: ट्रस्ट के उद्देश्यों और ज़रूरतों के आधार पर एक संगठनात्मक ढाँचा तैयार करना और इसके अधिकारियों, कर्मचारियों और स्टाफ़ की देखरेख करना।
  • नियमों का पालन सुनिश्चित करना: यह पक्का करना कि ट्रस्ट कानूनी, रेगुलेटरी और ट्रस्ट डीड की ज़रूरतों का पालन करे।
  • वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना: वित्तीय लेन-देन, खातों और संबंधित जानकारी में कुशलता और पारदर्शिता की देखरेख करना।
  • सुरक्षा की देखरेख करना: सुरक्षा के उचित इंतज़ाम सुनिश्चित करना और जहाँ भी ज़रूरत हो, स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकारों के साथ तालमेल बिठाना।
  • अनुष्ठानों और त्योहारों का प्रबंधन: यह सुनिश्चित करना कि रोज़ाना की पूजा, धार्मिक समारोह और त्योहार नियमित और सही ढंग से आयोजित हों।
  • भक्तों का ध्यान रखना: मंदिर आने वाले भक्तों की सुरक्षा, सुविधाओं और उनके कुल अनुभव का ध्यान रखना।
  • खास मेहमानों की देखरेख: मंदिर आने वाले विशिष्ट अतिथियों और प्रमुख संतों के लिए इंतजाम करना।

तीन नामों को किया जाएगा फाइनल

इंटरव्यू के बाद, पैनल उम्मीदवारों पर विचार-विमर्श करेगा और ट्रस्ट को तीन नामों की सिफारिश करेगा। इसके बाद ट्रस्ट सितंबर में होने वाली अपनी अगली बैठक में इन सिफारिशों पर विचार करेगा और फिर कोई अंतिम फैसला लेगा।

इस चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे शामिल हैं। सुरेश हावरे एक रिटायर्ड न्यूक्लियर साइंटिस्ट और शिरडी स्थित श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन हैं।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष ने योगी सरकार पर निशाना साधा। इस बीच बीजेपी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे से खुद को दूर रखने की कोशिश की और ज़ोर देकर कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट में किसी भी बीजेपी कार्यकर्ता या नेता का नाम नहीं है। पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर इस मामले पर भ्रम फैलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें