प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। प्रधानमंत्री के भाषण के बीच विपक्ष के सदस्य वेल में आकर जोरदार हंगामा और नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के हंगामे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र को लेकर चुटकी ली।

प्रधानमंत्री ने राज्यसभा अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन को संबोधित करते हुए कहा, “मेरा निवेदन है कि माननीय खड़गेजी की आयु को देखते हुए, वे बैठकर भी नारे लगा सकते हैं, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो, क्योंकि उनके पीछे बहुत से युवा लोग हैं। कृपया उन्हें खड़े होकर भी नारे लगाने की अनुमति दें।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग थक गए, चले गए। कभी न कभी उनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे बनाकर रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे डील करने के लिए आगे नहीं आता था। आपने कोशिश की होगी, पीछे-पीछे बहुत चक्कर लगाए होंगे लेकिन किसी ने आपकी तरफ देखा भी नहीं होगा। क्या स्थिति ऐसे पैदा की… दुनिया के देश ऐसे ही भारत के साथ ऐसे डील नहीं कर रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है। हमें लक्ष्य को प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। आज दुनिया भरोसे के साथ भारत की ओर देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि देश आज तेज गति और लो इंफ्लेशन के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। देश हमें फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी के रूप में मिला था। हम इसे चौथे नंबर तक लेकर आए हैं और बहुत जल्द तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में बीते वर्ष देश के तेज प्रगति के विकास के वर्ष रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग को उनके जीवन में परिवर्तन का ये कालखंड रहा है। एक सही दिशा में तेज गति से देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आदरणीय राष्ट्रपति जी ने बहुत ही बढ़िया तरीके से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस विषय को हम सबके सामने प्रस्तुत किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी ने इस देश के मध्यम वर्ग, निम्न मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि… सभी विषयों को विस्तार से रखते हुए भारत की प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजाया है। उन्होंने कहा कि देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की है। हर वर्ग के सामर्थ्य को उन्होंने शब्दांकित किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक विश्वास व्यक्त किया है। ये हम सभी के लिए प्रेरक है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था। उन्होंने कहा कि मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है। आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है। हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है। उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश है।

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