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ऑनलाइन भुगतान से बचने को दुकानदारों के पास लाखों बहाने

दक्षिणी दिल्ली स्थित थोक सब्जियों की बिक्री वाली ओखला मंडी में सुबह अचानक भीड़ बढ़ गई। कामकाज आम दिनों की तरह होता देख कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। बाद में पुलिस ने मोर्चा संभाला और लोगों को दूर किया। दोपहर तक स्थिति को संभाल लिया गया था।

बाजार में खरीदारी करते लोग।

देश में बंदी बढ़ने की अटकलों से दिल्ली के बाजारों में हलचल शुरू हो गई है। इसका सबसे अधिक असर किराना बाजार में हैं। बाजार में पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध है लेकिन ऑनलाइन भुगतान में आम जनता को परेशानी हो रही है। छोटे दुकानदार भीड़ से बचने का तर्क देते हुए केवल नकद भुगतान पर ही माल बेच रहे हैं। इससे आॅनलाइन भुगतान करने वालों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

किराना की कई दुकानों पर इसका असर देखा गया। राम नगर मार्केट, मंडोली रोड मार्केट व अशोक नगर में ऐसे हालात नजर आए। मंडोली बाजार में सामान लेने आए राकेश कुमार कि वे एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करते हैं। बंद के बाद से ही घर पर हैं और इस दौरान नकद पैसे की कमी थी। बाजार में जब उन्होंने किराना दुकानदार को ऑनलाइन पैसे देने की कोशिश की तो दुकानदार ने नकद पैसा मांगा। दुकानदार के पास पेटीएम से भुगतान का ही विकल्प था जबकि वे कार्ड से सामान का भुगतान करना चाह रहे थे। जब भुगतान नहीं कर पाए तो नजदीक के एटीएम से ही पैसा निकाल कर भुगतान किया। ज्योति कॉलोनी के रहने वाले राहुल भी बाजार में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जो दुकानदार व्यक्तिगत तौर पर खरीदार को जानते हैं। केवल वही आॅनलाइन भुगतान कर रहे हैं।

किराना कारोबारी व मंडोली रोड एसोसिएशन के महा सचिव सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि उनके पास उपभोक्ताओं के लिए आरटीजीएस, पेटीएम, भीम ऐप, फोन पे जैसे विकल्प हैं। लेकिन बाजार में अधिक भीड़ है। तेजी से करने के लिए और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी परेशानियों से बचने के नकद भुगतान लिया जा रहा है। हालांकि ऐसे ग्राहक जिन्हें हम व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं उन्हें ऑनलाइन भुगतान सेवा दे रहे हैं। ऐसे लोगों से भुगतान नहीं मिलने से दोबारा पैसे का आग्रह किया जा सकता है। यह परेशानी भी देखी गई है कि जिन लोगों के चेक से भुगतान होता है। उनके चेक बाउंस होने पर इसका नुकसान भी उठाना पड़ा है।

एसोसिएशन के प्रधान सुखबीर ने बताया कि इस बाजार में संस्था के पास 250 दुकानदार पंजीकृत हैं। जब से 14 अप्रैल से बंद की समय सीमा बढ़ने की खबरों के बाद से ही बाजार में अधिक भीड़ है। इस बाजार में अधिकतर आसपास की छोटी दुकान के दुकानदार आते हैं। जो प्रतिदिन की ब्रिकी के बाद खरीदारी के लिए आते हैं। इन दुकानदारों में 90 फीसद लोग नकद भुगतान के साथ ही पहुंच रहे हैं।

दवा की दुकान पर पहले मास्क लो फिर मिलेगी दवा
सरकार ने दिल्ली में सभी के लिए मास्क अनिवार्य किया है। इसके बाद दवाओं के दुकानदार केवल मास्क वाले लोगों को ही दुकान में प्रवेश की अनुमति दे रहे हैं। शनिवार को ऐसी ही पड़ताल जब दुर्गा पुरी चौक के नजदीक गोयल मेडिकोज पर पड़ताल करने की कोशिश जनसत्ता ने की तो तैनात गार्ड ने बाहर ही रोक दिया। तैनात गार्ड का तर्क था कि पहले 10 रुपए का मास्क खरीदें।

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