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J&K: शोपियां एनकाउंटर में हिजबुल कमांडर समेत 3 आतंकी ढेर, DGP ने गिरफ्तार DSP देविंदर पर कही यह बात

Jammu Kashmir: मारा गया हिजबुल कमांडर वसीम अहमद वानी 2017 से सक्रिय था। उसके खिलाफ 19 एफआईआर दर्ज थी। वह 4 नागरिकों समेत और 4 पुलिस की हत्या में भी शामिल था।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

जम्मू और कश्मीर: शोपियां में सुरक्षा बलों ने सोमवार (20 जनवरी) को एक मुठभेड़ में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया है। मारे गए आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) के हैं। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान आदिल शेख के रूप में हुई है, जो 29 जून 2018 को श्रीनगर के जवाहर नगर स्थित पीडीपी (PDP) के तत्कालीन विधायक के घर से 8 हथियार लूटने के लिए जिम्मेदार था। इस मामले में J&K के डीजीपी (DGP) दिलबाग सिंह (Dilbag Singh) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। दिलबाग सिंह ने उन रिपोर्टों पर कहा कि जम्मू-कश्मीर के डीएसपी दविंदर सिंह ने बांग्लादेश का दौरा किया था, यह हमारी जानकारी में आया है कि उनकी बेटियों की बांग्लादेश में पढ़ाई हुई थी। यह जांच की जा रही है।

डीजीपी दिलबाग सिंह का बयान: जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि शोपियां में आज हमने 3 आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। उन्होंने बताया कि उनके कमांडर वसीम अहमद वानी जो 2017 से सक्रिय था और हिजबुल मुजाहिदीन में शीर्ष स्थान पर था भी मारा गया है। उसके खिलाफ 19 एफआईआर हुईं और 4 नागरिकों समेत 4 पुलिसवालों की हत्या में भी वह शामिल था। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि मारे गए दूसरे आतंकी की पहचान आदिल शेख थे और तीसरे की पहचान जहांगीर के रूप में हुई है।

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NIA को सौंपी गई जांच: डीजीपी ने कहा कि यह मामला (J&K DSP दविंदर सिंह का) NIA को स्थानांतरित कर दिया गया है, इस पर टिप्पणी करना मेरे लिए सही नहीं होगा। कुछ निष्कर्ष सामने आए हैं, वे एनआईए के समक्ष हैं। उनकी हिरासत जांच एजेंसी को दी जा रही है। सही दिशा में इसकी जांच की जा रही है। दिलबाग सिंह ने उन रिपोर्टों पर कहा कि जम्मू-कश्मीर के डीएसपी दविंदर सिंह ने बांग्लादेश का दौरा किया था, यह हमारी जानकारी में आया है कि उनकी बेटियों की बांग्लादेश में पढ़ाई हुई थी। यह जांच की जा रही है कि क्या उनकी मुलाक़ात केवल उस कोण तक ही सीमित नहीं थी।

क्या कश्मीर में डी-रेडिकलाइज़ेशन केंद्रों की ज़रूरत है: डीजीपी ने कहा कि अगर कश्मीर में कोई ऐसी सुविधा सामने आती है जो एक अच्छा संकेत होगा, तो ऐसा होना चाहिए। यह निश्चित रूप से लोगों की मदद करेगा, खासकर जो लोग भटक गए हैं। दिलबाग सिंह ने आगे कहा कि अगर कुछ समझदार तरह की व्यवस्था की जाए तो सभ्य समाज के लोग और विशेषज्ञ जो धर्म और अन्य चीजों के विषय और प्रासंगिक पहलुओं से निपटते हैं … मुझे लगता है कि यह एक अच्छा विकास होगा। इस तरह की चीजों का स्वागत किया जाना चाहिए।

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