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पाकिस्तान का रवैया मानवता के लिए सदमा: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई आतंकी हमले के षड्यंत्रकारी जकी उर रहमान लखवी को पाकिस्तान में जमानत दिए जाने की शुक्रवार को कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस पड़ोसी देश ने अपने यहां आतंकियों के हाथों 132 मासूम बच्चों की निर्मम हत्या करने के दो दिन बाद ही यह कदम उठा कर समूची मानवता […]

संघ के तेवर वाजपेयी सरकार के दौर से कहीं ज्यादा तीखे हैं। तो क्या मोदी सरकार के दौर में दोनों रास्ते एक दूसरे को साध रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई आतंकी हमले के षड्यंत्रकारी जकी उर रहमान लखवी को पाकिस्तान में जमानत दिए जाने की शुक्रवार को कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस पड़ोसी देश ने अपने यहां आतंकियों के हाथों 132 मासूम बच्चों की निर्मम हत्या करने के दो दिन बाद ही यह कदम उठा कर समूची मानवता को सदमा पहुंचाने वाला कृत्य किया है। मोदी ने लोकसभा में इस मुद्दे पर दिए गए एक बयान में कहा कि लखवी को जमानत दिए जाने के तुरंत बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को कड़े से कड़े शब्दों में अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से अपेक्षा थी कि अभी अभी दो दिन पहले ही उसके यहां बच्चों की निर्मम हत्या की जो भयावह घटना घटी है, और बच्चों का जो भयावह संहार हुआ है, उससे पकिस्तान को जितनी पीड़ा हुई, उससे भारत को रत्ती भर भी कम पीड़ा नहीं हुई। हमारे देश के हर बच्चे, हर मां की आंख में आंसू थे। लेकिन उसके तुरंत बाद पाकिस्तान का यह रवैया समूची मानवता को सदमा पहुंचाने वाला है। पाकिस्तान को इस बारे में उचित शब्दों में भारत की भावना पहुंचा दी गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन ने लखवी को पाकिस्तान में जमानत पर रिहा करने के बारे में एक स्वर में जो चिंता जताई है और निंदा की है, सरकार की भावना सदन की भावना के अनुरूप रहेगी।

प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के बयान के बाद सदन ने लखवी को जमानत पर रिहा करने के पाकिस्तान के कृत्य के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पारित किया।
इससे पहले, प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में सभी दलों के सदस्यों ने एक स्वर में लखवी को जमानत दिए जाने की भर्त्सना की। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन ने लखवी को जमानत दिए जाने के खिलाफ एक स्वर में बोल कर पूरे देश की भावना को स्पष्ट किया है।

कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने लखवी को जमानत पर रिहा किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी हमले में 132 बच्चों की निर्मम हत्या किए जाने की घटना के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को रोकने के लिए हर कदम उठाने की बात की थी लेकिन उसके दो दिन बाद ही उसका दूसरा चेहरा दिख रहा है जब लखवी को जमानत दे दी गई।

भाजपा के किरीट सोमैया ने लखवी को जमानत दिए जाने की निंदा करते हुए कहा कि सदन ने जो भाव व्यक्त किए हैं उससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अवगत कराया जाए। माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा कि लखवी को जमानत मिलना बर्दाश्त के लायक नहीं है। पाकिस्तान अगर अपने यहां बैठे अपराधियों को अगर खुद सजा नहीं सुना सकता तो वह उन्हें भारत को सौंप दे। भारत उन्हें सजा सुनाएगा। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने कहा कि लखवी के खिलाफ भारत ने पाकिस्तान को काफी सबूत सौंपे थे जिन्हें पाकिस्तान ने संज्ञान में नहीं लिया।

शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा कि तीन दिन पहले पाकिस्तान में बच्चों की निर्मम हत्या की घटना के बाद लखवी को जमानत मिलना जख्म पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए।

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