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पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा- डोकलाम के जरिए भारत और भूटान को बांटना चाहता था चीन

शिवशंकर मेनन ने कहा, ‘‘एक कारण है कि पिछले साल हमने डोकलाम में जो गतिविधि देखी इसलिए नहीं कि उनके (चीन) पास स्पष्ट सैन्य विकल्प या विशिष्टता थी बल्कि भूटानियों को हमसे अलग करने का राजनैतिक लक्ष्य था।’’

Author नई दिल्ली | February 21, 2018 9:10 PM
Shivshankar Menon, Shivshankar Menon says, Shivshankar Menon statement, China Wanted, India And Bhutan, Divide India And Bhutan, Through Doklam, China Wanted to Divide, Bhutan Through Doklam, National news, International newsपूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन। (File Photo)

पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन ने बुधवार को कहा कि डोकलाम गतिरोध पर चीनी राजनीतिक लक्ष्य भारत और भूटान को बांटना था। हालांकि, सरकार ने जिस तरह से मुद्दे को संभाला, इसके लिए उन्होंने उसकी तारीफ की। पूर्व के संप्रग शासन में वर्ष 2010 से 2014 के बीच एनएसए रह चुके मेनन ने यह भी कहा कि देश की सीमा का ध्यान रखने के लिए एकीकृत रुख की जरूरत है। उन्होंने नई दिल्ली में एक सम्मेलन में कहा, ‘‘एक कारण है कि पिछले साल हमने डोकलाम में जो गतिविधि देखी इसलिए नहीं कि उनके (चीन) पास स्पष्ट सैन्य विकल्प या विशिष्टता थी बल्कि भूटानियों को हमसे अलग करने का राजनैतिक लक्ष्य था।’’

भारत और भूटान का करीबी संबंध है और नई दिल्ली भूटान को सैन्य समर्थन देता है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन भूटानियों को दिखाना चाहता था कि भारत अपनी हिफाजत नहीं कर सकता और (इस पर) भूटान को भड़काने की भी कोशिश की। प्रतिक्रिया का जो जरिया हमने चुना उस पर मुझे फख्र है।’’ मेनन अक्टूबर 2006 से अगस्त 2009 तक भारत के विदेश सचिव भी रहे। सीमा प्रबंधन के विविध पहलुओं का जिक्र करते हुए मेनन ने कहा कि सैन्य बलों को ऐसे मुद्दों पर पूर्वोत्तर के राज्यों के सीमाई क्षेत्र के लोगों को भरोसे में लेना चाहिए।

दूसरी तरफ, डोकलाम के पास चीन की तरफ से रक्षा बुनियादी ढांचा विकास करने की रिपोर्टों के बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि डोकलाम के हालात ठीक हैं और परेशान होने का कोई कारण नहीं है। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने पिछले साल के डोकलाम गतिरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार से चीनी सेना की बार-बार घुसपैठ और डोकलाम घटना चीन की बढ़ती दबंगई का एक संकेत है। चीफ्स आॅफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष एडमिरल लांबा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि डोकलाम में तना-तनी सिलीगुड़ी कॉरिडोर की संवेदनशीलता दिखाती है।

कार्यक्रम से इतर रावत से पत्रकारों ने डोकलाम के हालात के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल ठीक है। चिंता करने की कोई बात नहीं है।’’ भारत ने विवादित तिराहे में सड़क बनाने से चीनी सेना को रोक दिया था जिसके बाद दोनों देश की सेनाओं के बीच 73 दिन तक गतिरोध बना रहा। डोकलाम पर भूटान और चीन के बीच विवाद है। यह गतिरोध पिछले साल 28 अगस्त को खत्म हो गया।

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