शिवसेना ने ओवैसी को बताया बीजेपी का अंडरगारमेंट, AIMIM सांसद बोले- देश में मुसलमानों की स्थिति ‘बैंड बाजा पार्टी’ जैसी

ओवैसी को भाजपा की सफल यात्रा का सूत्रधार बताते हुए सामना में लिखा गया है कि, ओवैसी की वजह से भाजपा को फायदा मिलता है। यही वजह रही कि बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार नहीं बन सकी।

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एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी और शिवसेना नेता संजय राउत(File Photo/फोटो सोर्स: PTI)

यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। 26 सितंबर को यूपी के कानपुर में एक रैली के दौरान ओवैसी ने कहा कि, समाजवादी पार्टी, बसपा और भाजपा मुसलमानों का इस्तेमाल कर रही है। यहां मुसलमानों की हालत बारात के ‘बैंड बाजा पार्टी’ जैसी हो गई है। जहां उन्हें (मुसलमानों को) पहले संगीत बजाने के लिए कहा जाता है, लेकिन विवाह स्थल पर पहुंचने पर उन्हें बाहर ही खड़ा कर दिया जाता है।

वहीं शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में ओवैसी को भाजपा की सफल यात्रा का सूत्रधार बताते हुए उन्हें ‘भाजपा के अंडरगारमेंट्स’ की संज्ञा दी। सामना में लिखा गया कि, “सिर्फ मुसलमानों की राजनीति करना राष्ट्रवाद नहीं हो सकता। राम मंदिर, वंदे मातरम् का विरोध, मुस्लिम समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। मुसलमान इस देश के नागरिक हैं और उन्हें देश के संविधान का पालन करना चाहिए और उसी हिसाब से अपना दिशा तय करनी चाहिए। जिस दिन ओवैसी ऐसा कहने की हिम्मत करेंगे, उस दिन उन्हें एक राष्ट्रीय नेता के रूप में जाना जाएगा। नहीं तो वो भाजपा अंडरगांरमेंट्स के रूप में देखे जाएंगे।”

गौरतलब है कि सामना के एक लेख में कहा गया है कि, ओवैसी की राजनीति के चलते भाजपा को फायदा मिलता है, इसी वजह से बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार नहीं बन सकी लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं हो सका। वहां की जनता समझदार निकली और ममता बनर्जी जीत गईं।

ओवैसी के आते ही लगते हैं पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे: सामना में लिखा गया कि, “दो दिन पहले, प्रयागराज से लखनऊ जाते समय रास्ते में ओवैसी के समर्थक उनके रास्ते में जमा हो गए और उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। विधानसभा चुनाव आते ही ओवैसी कई जगहों पर भड़काऊ भाषण देते हैं, वह अपने निरंकुश समर्थकों को भड़काते हैं, जिसके बाद ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगते है। यह पटकथा पूरी तरीके से योजनाबद्ध लग रही है।

ओवैसी कर रहे हैं ताबड़तोड़ रैली: बता दें कि ओवैसी इन दिनों काफी जोरशोर से 2022 में होने वाले उत्तर विधानसभा चुनाव को लेकर कई जगहों पर रैलियां कर रहे हैं। वहीं कानपुर की रैली में ओवैसी ने कहा कि, यूपी में ठाकुरों, ब्राह्मणों, यादवों, सभी जातियों का कोई बड़ा नेता जरूर है, लेकिन मुसलमानों का कोई बड़ा नेता नहीं है। उन्होंने कहा कि वो यूपी में मुसलमानों को एक करने आए है।

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