Maharashtra News: महाराष्ट्र के कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में शिवसेना कॉर्पोरेटर (पार्षद) रमेश म्हात्रे को बुधवार शाम ठाणे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि वे सरेंडर करने पहुंचे थे उसके बाद ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया है कि रमेश म्हात्रे खुद पुलिस स्टेशन आए थे और उन्होंने सरेंडर कर दिया था। उन्हें फिलहाल मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर लोकल कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस शिवसेना पार्षद की हिरासत की मांग कर सकती है।

बता दें कि मारपीट के मामले में पुलिस ने एक दिन पहले पार्षद के तीन साथियों को भी गिरफ्तार किया था। म्हात्रे की वजह से पार्टी के बैकफुट पर जाने की आशंकाओं के बीच शिवसेना ने पार्षद से सार्वजनिक रूप से पल्ला झाड़ लिया है, जो कि रमेश म्हात्रे के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

शिवसेना ने झाड़ा पल्ला

रमेश म्हात्रे पर लगे आरोपों को लेकर शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि मारपीट में शामिल किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि म्हात्रे ने डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार किया है, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

गौरतलब है कि मामले में आरोपी बनाए जाने के पहले पार्षद रमेश म्हात्रे ने घटना पर सार्वजनिक तौर पर खेद व्यक्त किया था। हालांकि, उन्होंने किसी भी महिला डॉक्टर के साथ मारपीट के लगे आरोपों से सिरे से खारिज कर दिया था। रमेश म्हात्रे ने अपने बयान में कहा, “मुझे वहां हुई शारीरिक हाथापाई पर खेद है, लेकिन मैं फिर से स्पष्ट करता हूं कि मैंने महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया। आप इस घटना को सीसीटीवी (CCTV) के एक खास कैमरा एंगल से देख रहे हैं।”

रमेश म्हात्रे ने किया दिया तर्क?

रमेश म्हात्रे ने कहा कि जब वे एक पीड़ित परिवार की चिंताओं को लेकर बात करने की कोशिश कर रहे थे, तो उस दौरान डॉक्टर फोन पर किसी से बात कर रही थी, वे शिकायत नहीं सुन रही थीं। म्हात्रे ने कहा, “इसलिए मैंने उनके हाथ को थपथपाया था। हम बालासाहेब की शिक्षाओं का पालन करते हैं; हमने कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाया है, और न ही भविष्य में कभी ऐसा करेंगे।”

रमेश म्हात्रे ने यह भी जोड़ा कि यह घटना अस्पताल के भीतर की उन कमियों के कारण हुई जिन्हें सुधारे जाने की जरूरत है। शिवसेना पार्षद ने कहा कि वह एक गर्भवती महिला के परिवार से फोन आने के बाद अस्पताल गए थे, जिसे कथित तौर NICU में बेड उपलब्ध न होने के कारण कहीं और रेफर कर दिया गया था।

डॉक्टर और नर्सों ने किया है राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान

बता दें कि सोमवार रात केडीएमसी संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई इस घटना के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने व्यापक निंदा की और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि एक गर्भवती मरीज को रेफर करने के विवाद के बाद म्हात्रे और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की।

दरअसल, अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में बेड खाली न होने के कारण गर्भवती महिला को कहीं और इलाज कराने की सलाह दी गई थी। इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं, जहां महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि मतभेदों के आधार पर हिंसा को जायज नहीं ठहराया जा सकता। दूसरी ओर शिवसेना यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

इस मारपीट को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सों ने नाराजगी जाहिर की है और घोषणा की है वे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे। डॉक्टर का कहना है कि वे गुरुवार को काली पट्टी बांधकर अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। वहीं नर्सों की तरफ से कहा गया कि अगर मामले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता तो फिर वे अपने इस आंदोलन को और तेज कर देंगे।

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