India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष ने आरोप लगाए हैं कि सरकार ने इस डील के जरिए देश के किसानों के हितों के साथ समझौता हुआ है। इस मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने भारत के कृषि क्षेत्र के लिए “पूर्ण सुरक्षा” सुनिश्चित की है, और इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का कोई भी प्रावधान घरेलू किसानों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा या भारतीय कृषि की शुद्धता से समझौता नहीं करेगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी समझौते में ऐसा कोई उत्पाद शामिल नहीं किया गया है जिससे भारतीय किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सके, और सभी संवेदनशील कृषि उत्पादों को इसके दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा, “किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी रक्षा की जाती है। ऐसा एक भी निर्णय नहीं लिया गया है जिससे उन्हें खतरा हो।”

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हमारे बीजों की सुरक्षा महत्वपूर्ण

शिवराज सिंह चौहान ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय आनुवंशिक रूप से संशोधित आयात के खिलाफ भारत का कड़ा रुख है। उन्होंने कहा है कि किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित उत्पाद को भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह भारतीय कृषि, हमारी मिट्टी और हमारे बीजों की शुद्धता की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

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टैरिफ पर नहीं दी गई कोई छूट

शिवराज सिंह ने कहा है कि अमेरिका को कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ में कोई छूट नहीं दी गई है, जिन उत्पादों को आयात की अनुमति नहीं होगी उनमें मांस, मुर्गी, डेयरी उत्पाद, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू शामिल हैं।

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डेयरी प्रोडक्ट को लेकर किया बड़ा ऐलान

डेयरी प्रोडक्ट को लेकर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि तरल, पाउडर और गाढ़ा दूध, क्रीम, दही, छाछ, मक्खन, घी, मक्खन का तेल, पनीर, मट्ठा उत्पाद और चीज़ को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इससे हमारे किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी।

इ्सके अलावा मसालों को लेकर उन्होंने कहा कि काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, सरसों, राई और अन्य पाउडर मसालों सहित कई मसालों के आयात पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। ‘नीच कह देना जातिसूचक गाली नहीं’, SC-ST Act पर राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला