ताज़ा खबर
 

मुंगावली, कोलारस उपचुनाव नतीजे 2018: नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान को लगा है यह चौथा झटका

Mungaoli, Kolaras Bypoll Election UP Chunav Result 2018, MP Madhya Pradesh By Poll Election Result 2018: नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए यह चौथा झटका है। साल के आखिर में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश में चुनाव है, ऐसे में शिवराज कैंप में बेचैनी लाजिमी है।

Author नई दिल्ली | February 28, 2018 9:28 PM
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो-पीटीआई)

Mungaoli, Kolaras Bypoll Election Result 2018: मध्य प्रदेश में दो सीटों के उपचुनाव ने मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार को चिंतित कर रख दिया। मुंगावली और कोलारस दोनों सीटों पर कांग्रेस ने परचम लहरा दिया। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए यह चौथा झटका है। साल के आखिर में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में शिवराज कैंप में बेचैनी लाजिमी है। आमतौर पर माना जाता है कि उपचुनावों में सत्ताधारी दलों का पलड़ा ही हावी रहता है। मगर, यह मान्यता राजस्थान और मध्य प्रदेश के हालिया हालिया उपचुनाव के नतीजों ने गलत साबित कर दी है।

मध्य प्रदेश में भाजपा की हार की शुरुआत 24 नवंबर 2015 से हुई। जब 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के डेढ़ साल के भीतर ही मध्य प्रदेश में भाजपा को उपचुनाव में अपनी लोकसभा सीट गंवानी पड़ी। बीजेपी के कब्जे में रही रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट उपचुनाव में कांग्रेस ने छीन ली। यह सीट बीजेपी सांसद दिलीप सिंह भूरिया के निधन पर खाली हुई थी। पार्टी ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया पर दांव लगाया था। इस सीट पर हार इसलिए भी चौंकाने वाली थी, क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों में बीजेपी की सरकार और साथ ही  सहानुभूति की लहर भी बीजेपी प्रत्याशी के लिए जीत की इबारत नहीं लिख सकी।

HOT DEALS
  • Lenovo K8 Plus 32 GB (Venom Black)
    ₹ 8199 MRP ₹ 11999 -32%
    ₹1245 Cashback
  • I Kall Black 4G K3 with Waterproof Bluetooth Speaker 8GB
    ₹ 4099 MRP ₹ 5999 -32%
    ₹0 Cashback

आमतौर पर निधन पर खाली हुई सीटों पर दल संबंधित सांसद-विधायक के घर वालों को ही प्रत्याशी बनाते हैं, ताकि चुनाव मैदान में सहानुभूति का कार्ड चल सके। खास बात है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रतलाम-झाबुआ सीट के लिए छह दिन में 27 रैलियां की थीं। इसके बाद अप्रैल 2017 में अटेर विधानसभा के उपचुनाव में भी कांग्रेस से बीजेपी को हार झेलनी पड़ी। नवंबर, 2017 में चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव में भी कांग्रेस ने परचम लहराया। चित्रकूट में कांग्रेस उम्मीदवार नीलांशु चतुर्वेदी ने भाजपा उम्‍मीदवार शंकर दयाल त्रिपाठी को 14,333 वोटों से हराया था।

इससे पहले इसी साल दो फरवरी को राजस्थान उपचुनाव मे बीजेपी को कांग्रेस के हाथों अलवर और अजमेर लोकसभा सीट तथा मांडलगढ़ विधानसभा सीट गंवानी पड़ी थी।अलवर सीट से कांग्रेस उम्‍मीदवार करण सिंह यादव ने जहां भाजपा के जसवंत सिंह यादव को 1,56,319 वोट से हराया था, वहीं अजमेर में कांग्रेस के रघु शर्मा ने जीत दर्ज की है। जबकि मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्‍मीदवार विवेक धाकड़ ने भाजपा के शक्ति सिंह को 12,976 मतों से हराया था। सियासी जानकार दोनों राज्यों में बीजेपी की हार के पीछे सत्ताविरोधी लहर( एंटी इन्कमबेंसी) और पार्टी के अंदर आंतरिक असंतोष को वजह मानते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App