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सैफई बनाम पिताजी का पैसा: कम नहीं हुआ अखिलेश का गुस्सा, डिप्टी सीएम ने संस्‍कार पर उठाए सवाल, शिवपाल ने किया भतीजे का बचाव

अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भावुक होते हुए केशव प्रसाद ने कहा कि मुझे लगता था कि अखिलेश यादव काफी पढ़े लिखे हैं लेकिन उन्होंने इसका कोई ख्याल नहीं रखा।

Akhilesh Yadav,Shivpal Yadav
शिवपाल यादव ने कहा कि हर सदस्य को सदन में संसदीय भाषा का प्रयोग करना चाहिए(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच यूपी विधानसभा में तू-तू मैं-मैं की स्थिति देखने को मिली। वहीं इस मामले में अभी अखिलेश यादव के तेवर सख्त ही लग रहे हैं। बता दें कि अखिलेश के बयान के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश ने मेरे समाज का अपमान किया है।

केशव प्रसाद मौर्य ने 25 मई को यूपी विधानसभा में हुई बहस को लेकर अखिलेश यादव के संस्कार पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मेरे पिता, गरीबों और मेरे समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा मुझे उनसे ऐसी उम्मीदें नहीं थी। जिसका जैसा संस्कार होता है, वो वैसा ही विचार रखता है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मैं सबका सम्मान करता हूं, अखिलेश ने मेरा अपमान किया होता तो ठीक था, लेकिन उन्होंने मेरे पिता और मेरे समाज का अपमान किया है। उनसे इस तरह की आशा नहीं थी। जनता इसका जवाब देगी। भावुक होते हुए केशव प्रसाद ने कहा कि मुझे लगता था कि अखिलेश यादव काफी पढ़े लिखे हैं लेकिन उन्होंने इसका कोई ख्याल नहीं रखा।

वहीं सदन में हुए बहस के बाद अखिलेश यादव के तेवर नरम नहीं हुए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए गुरुवार को कहा कि जो जैसा बोएगा, वैसा ही काटेगा। आपको अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। वहीं अखिलेश और केशव प्रसाद मौर्य के बीच हुई बहस को लेकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी प्रमुख शिवपाल यादव ने कहा कि हर सदस्य को सदन में संसदीय भाषा का प्रयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोई भी सदस्य हो, उसे संसदीय भाषा का ही प्रयोग करना चाहिए। शिवपाल ने कहा कि सदन में कभी-कभी उत्तेजना जरूर हो जाती है। लेकिन किसी भी सदस्य को, पक्ष हो या विपक्ष हो, हमेशा भाषा का ख्याल रखना चाहिए। जो जितने बड़े पद पर रहता है उसे उतनी गरिमा बनाए रखना होता है।

क्या था मामला: दरअसल, यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार (25 मई, 2022) को अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य से सवाल करते हुए कहा कि यह पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे हैं, लेकिन इन्हें नहीं मालूम कि उनके जिला मुख्यालय की सड़क किसने बनाई? बताएं, फोर लेन किसने बनाई?

इसपर केशव प्रसाद ने कहा, “आप भी 400 सीट का दावा कर रहे थे, लेकिन खुद 100 सीट ही जीत पाए हैं। आपका अभी कोई भविष्य नहीं है लेकिन आप कह रहे हैं कि सड़क किसने बनवाई, एक्सप्रेस-वे किसने बनवाई, मेट्रो किसने बनवाई है, ऐसा लगता है कि सैफई बेचकर बनवाया है।”

अखिलेश ने मौर्य के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “तुम अपने पिताजी से पैसे लाते हो क्या?” वहीं, तू-तू मैं-मै बढ़ते देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बीच में आ गए और उन्होंने अखिलेश के बयान पर आपत्ति जताते हुए इस बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की।

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