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नयी भाजपा सरकार को शिवसेना की सलाह: लोगों को हल्के तौर पर न लें

मुंबई:भाषा: शिवसेना ने आज महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री देवेंद्र फÞड़नवीस को आगाह किया कि वह लोगों को हल्के तौर पर न लें और सलाह दी कि वह आम आदमी की उम्मीदों को पूरा करें । शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया है, ‘‘नयी सरकार उस नवविवाहित महिला की तरह है जो […]

Author November 1, 2014 15:45 pm

मुंबई:भाषा: शिवसेना ने आज महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री देवेंद्र फÞड़नवीस को आगाह किया कि वह लोगों को हल्के तौर पर न लें और सलाह दी कि वह आम आदमी की उम्मीदों को पूरा करें ।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया है, ‘‘नयी सरकार उस नवविवाहित महिला की तरह है जो शुरू में अपनी सास को खुश करने के जतन करती है । इस मामले में सास हैं महाराष्ट्र के लोग । आप लोगों को हल्के तौर पर नहीं नहीं ले सकते । जब आप गलती करेंगे तो उनके पास आपके कान खींचने की ताकत है ।’’
शिवसेना ने भगवा दलों के मध्य पुनर्मिलन के संकेतों के बीच कहा कि यह पहला पाठ है जो नयी सरकार को सीखना होगा ।
शिवसेना और भाजपा ने विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले 25 सितंबर को गठबंधन तोड़कर अलग रास्ते अख्तियार कर लिए थे । चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी ।
संपादकीय में कहा गया कि यह सच है कि :चुनाव के दौरान: किए गए वायदों को पूरा करने के लिए कोई जादुई छड़ी नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र के लोग पहली भाजपा नीत नयी सरकार की ओर काफी उम्मीद से देख रहे हैं ।
शिवसेना ने कहा, ‘‘कांग्रेस-राकांपा के शासन में मंत्रालय ‘खाक’ हो गया था, लेकिन लोगों की आकांक्षाएं इससे काफी पहले ही ‘राख’ हो गई थीं । नए मुख्यमंत्री को सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका काम कहावत वाले अनल पक्षी की तरह हो जो राख से फिर उठ खड़ा होता है ।’’
फÞडनवीस के नेतृत्व वाले मंत्रालय के कल के शपथग्रहण समारोह :जिसमें कॉरपोरेट हस्तियां भी मौजूद थीं: को विशाल करार देते हुए पार्टी ने कहा कि प्रशासन के ध्यान में अमीर या धन कुबेर नहीं, बल्कि गरीब लोग होने चाहिए जैसा कि शिवाजी के युग में होता था ।
संपादकीय में कहा गया, ‘‘फड़नवीस ने कहा है कि वह राज्य में शासन करते हुए शिवाजी महाराज के उदाहरण का अनुकरण करेंगे । उन्हें याद रखना चाहिए कि शिवाजी के हिन्दवी स्वराज्य की वास्तविक शक्ति सेठ और साहूकार नहीं, बल्कि आम लोग थे ।’’
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य नेताओं का फोन आने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे वानखेड़े स्टेडियम में शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए थे ।
पार्टी ने पूर्व में घोषणा की थी कि सरकार के गठन से पहले भाजपा द्वारा ‘‘लगातार अपमान किए जाने’’ के कारण वह शपथग्रहण समारोह से अलग रहेगी ।
शिवसेना के सांसद विनायक राउत ने कल कहा था कि शाह ने भाजपा सरकार में शिवसेना की भागीदारी पर उद्धव को उचित आश्वासन दिया है ।

(भाषा)

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