ताज़ा खबर
 

शिवसेना अकेले लड़ेगी बिहार चुनाव, 150 से अधिक उम्मीदवार खड़ा करेगी

शिवसेना अपने दम पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी तथा 150 से अधिक उम्मीदवारों को चुनावी उम्मीदवार खड़ा करेगी। शिवसेना के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित करने के..
Author पटना | September 21, 2015 11:10 am
शिवसेना अपने दम पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी तथा 150 से अधिक उम्मीदवारों को चुनावी उम्मीदवार खड़ा करेगी। (पीटीआई फोटो)

शिवसेना अपने दम पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी तथा 150 से अधिक उम्मीदवारों को चुनावी उम्मीदवार खड़ा करेगी। शिवसेना के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने बताया कि उनकी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव को गंभीरता के साथ लिया है और अकेले अपने दम पर हमारी तैयारी 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की है।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया करीब करीब पूरी हो गयी है और उम्मीदवारों की पहली सूची हम जल्द जारी कर देंगे। सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तहादुल मुस्लेमीन (एआईएमआईएम) के चुनावी मैदान में उतरने के बारे में पूछे जाने पर संजय ने कहा कि ‘अमृत’ के साथ ‘जहर’ की कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए क्योंकि शिवसेना देश से ‘जहर’ को समाप्त करने का काम करती है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन का वोट काटने के लिए ओवैसी की इस चुनाव में किसी के द्वारा ‘एंट्री’ कराए जाने तथा ओवैसी को ‘जहर’ फैलाने के लिए भेजने के बारे में उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे दांवपेच चलते हैं, जब चुनाव के नतीजे सामने आने पर इसका खुलासा हो जाएगा, पर ओवैसी एक ‘जहर’ हैं, उनके जैसे लोगों की राजनीति अगर इस देश और समाज में बढेगी तो देश एकबार फिर टूटेगा। इसलिए शिवसेना बिहार में मजबूती के साथ खडी होना चाहती है। शिवसेना में देश को अखंड और हिंदू राष्ट्र बनाने की ताकत है।

केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सत्ता में होने के बावजूद शिवसेना के भाजपा के साथ मिलकर बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लडने के बारे में संजय ने कहा कि उनकी पार्टी हिंदी भाषी प्रदेशों में अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है और लोगों को ताकत देना चाहती है। ऐसे में हमने अपने बलबूते चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में कोई भी सरकार उनके समर्थन से नहीं बनने और इस प्रदेश में अगली बनने वाली सरकार में उनकी पार्टी का भी मंत्री होने का दावा किया। एक सवाल के जवाब में संजय ने कहा कि किसी और पार्टी की भूमिका क्या है उस पर वे चर्चा नहीं करना चाहते। यह चुनावी माहौल है लेकिन शिवसेना ने कभी ‘नकाब’ पहनकर राजनीति नहीं की। हमारा चेहरा असली हिंदुत्व का है और केवल हिंदुत्व ही नहीं बल्कि प्रखर हिंदुत्व का है। हिंदू राष्ट्र की बात करने वाली सिर्फ हमारी पार्टी है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन तथा भाजपा नीत लोजपा-रालोसपा-हम सेक्युलर गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर संजय ने कहा कि ऐसे गठबंधन और महागठबंधन बनते एवं टूटते हैं। वे सत्ता के सौदागर होते हैं और स्वार्थ की बात होती है। किसी ने ‘जंगलराज’ कहा था पर आज उसके साथ हैं। रामविलास पासवान (लोजपा प्रमुख) ने राममंदिर का विरोध किया और नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ (गुजरात दंगा को लेकर) सबसे पहले केंद्रीय मंत्री पद (अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल) से त्यागपत्र देने वाले आज किस गठबंधन में हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में राजग गठबंधन और धर्मनिरपेक्ष महागठबंधन से अलग उनके मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर संजय ने कहा कि हिंदुत्व का विकास, गरीबी के साथ लड़ना तथा यहां के भूमि पुत्रों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना उनका चुनावी एजेंडा होगा।

उन्होंने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर इशारा करते हुए लोग यहां सालों-साल से सत्ता में बैठे हैं, पर यहां लोगों के कुशाग्र होने के बावजूद उन्हें मुंबई साहित देश के अन्य भागों में रोजगार के लिए पलायन करना पडता है।

हाल में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री के गैर मराठियों को टैक्सी चलाने का लाईसेंस दिए जाने पर रोक लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर हमारे मंत्री यह आदेश नहीं निकाला है कि कोई बिहार या हरियाणा का है तो उसको लाईसेंस नहीं देंगे बल्कि उसे बातचीत और आपसी संवाद के लिए कम से कम वहां की स्थानीय भाषा आनी चाहिए। हमने हिंदी या किसी अन्य भाषा के बारे में कोई गलत बात नहीं की लेकिन सभी राज्यों में जो लोग रोजगार के लिए जाते हैं उसे वहां की स्थानीय भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है।

क्षेत्रवाद के नाम पर बिहार निवासियों के साथ महाराष्ट्र में आए दिन अत्याचार होने की चर्चाओं के बारे में पूछे जाने पर संजय ने कहा कि शिवसेना ने कुछ किया है ऐसा एक भी उदाहरण दें। यहां (बिहार) के जो राजनेता हैं वह बिहार के विकास के बारे में नहीं सोचते मुंबई में क्या चल रहा है उसमें रुचि लेते हैं और उस पर टीका टिप्पणी करते हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों का राष्ट्रभक्ति, वीरता और देश की आजादी में योगदान के कारण इस प्रदेश के साथ हमारा भावनात्मक रिश्ता है। इससे पूर्व शिवसेना के प्रांतीय सम्मेलन को पार्टी के सचिव अनिल देसाई, उत्तर भारत के समन्वयक विनय शुकला, उत्तर प्रदेश और पंजाब के प्रांतीय अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. N
    Naveen Bhargava
    Sep 21, 2015 at 1:06 pm
    (0)(0)
    Reply