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रिश्तों के रंग पर शिवसेना की कालिख, सुधींद्र कुलकर्णी पर फेंका काला पेंट

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब ‘नाइदर हॉक नॉर ए डोव-एन इनसाइडर्स अकाउंट ऑफ पाकिस्तान्स फॉरेन पॉलिसी’ के लोकार्पण से ठीक पहले शिव सैनिकों ने शिव सेना..

Author मुंबई | October 13, 2015 8:54 AM
कालिख पोतने की घटना के बाद मीडिया से बात करते सुधींद्र कुलकर्णी और खुर्शीद महमूद कसूरी। (पीटीआई फोटो)

सोमवार को पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब ‘नाइदर हॉक नॉर ए डोव-एन इनसाइडर्स अकाउंट ऑफ पाकिस्तान्स फॉरेन पॉलिसी’ के लोकार्पण से ठीक पहले शिव सैनिकों ने शिव सेना स्टाइल में समारोह के आयोजक सुधींद्र कुलकर्णी पर काला ऑयल पेंट फेंका, उन्हें गालियां दी और धमकाया।

महाराष्ट्र सरकार में शामिल शिव सेना ने इस कृत्य को मर्दानगी बताते हुए इसका समर्थन किया और कुलकर्णी व कसूरी को पाकिस्तानी एजंट बताया। साथ ही विमोचन समारोह में बाधा डालने की चेतावनी दोहराई। हालात इतने बिगड़े कि सूबे की सरकार को कड़े सुरक्षा इंतजाम में समारोह करवाना पड़ा। जहां कसूरी ने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया वहीं राजनीतिक दलों समेत सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर इस घटना की कड़ी निंदा की गई। बाद में पुलिस ने शिवसेना के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।

सोमवार सुबह जब कुलकर्णी अपने सायन स्थित घर से थोड़ी दूर ही निकले थे कि कुछ लोगों ने उनकी कार को रोक लिया। कुलकर्णी ने कहा ‘जब मैं कार से नीचे उतरा तो उन्होंने मुझ पर काला रंग डाल दिया और गालियां भी दी। मुझे राष्ट्रद्रोही कहा’ मुंबई पुलिस प्रवक्ता धनंजय कुलकर्णी के मुताबिक सुबह साढ़े नौ बजे के करीब घटी इस घटना में पांच-सात लोग शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास घटी इस घटना के बाद शाम को रखे गए विमोचन समारोह की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई थी कि आयोजन स्थल, नेहरू सेंटर, पुलिस छावनी बन गया। शाम साढ़े पांच बजे होने वाले विमोचन समारोह में बाधा डालने के लिए शिव सेना उपनेता श्रीकांत सरमलकर और शिव सैनिक नेहरू सेंटर के आसपास मंडराते रहे मगर सुरक्षा व्यवस्था इस तरह से तैयार की गई थी कि कोई शिव सैनिक अंदर नहीं घुस सके। इससे पहले कुलकर्णी को मेडिकल जांच के लिए जीटी अस्पताल भी ले जाया गया। आॅइल पेंट बालों से चिपकने के कारण उन्हें सिर मुंडवाकर विमोचन समारोह में आना पड़ा।

विरोध को लेकर शिव सेना के अड़ियल रुख पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वैध वीजा पर आए विदेशी मेहमान को सुरक्षा देना सरकार का फर्ज है। अगर कार्यक्रम में राष्ट्र विरोधी प्रोपेगेंडा सामने आता है तो उसे सहन नहीं किया जाएगा और आयोजकों पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। खुद मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम के बाद शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बातचीत की, जिसके बाद यह खबर फैली कि शिव सेना विरोध वापस लेने जा रही है।

मगर शाम चार बजे शिव सेना सांसद संजय राऊत ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर घोषणा की कि शिव सेना ने विरोध वापस नहीं लिया है और शिव सैनिक मैदान में उतर चुके हैं। राऊत ने कुलकर्णी को पाकिस्तानी एजंट और पाक आतंकवादी अजमल कसाब से ज्यादा खतरनाक बताया। उन्होंने कसूरी की अमन की पहलकदमी को ढोंग कहा।

राऊत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में कसूरी ने भारत से आरपार की लड़ाई की बात कही थी। विदेश मंत्री के रूप में वह हुर्रियत नेताओं को भारत विरोध के लिए उकसाते थे ताकि पाकिस्तान को कश्मीर मामला गरम रखने में आसानी रहे। उन्होंने कहा कि सुधींद्र कुलकर्णी ही लालकृष्ण आडवाणी को पाकिस्तान में जिन्ना की मजार पर लेकर गए थे जिसकी राजनीतिक कीमत आडवाणी को चुकानी पड़ी।

राऊत ने कहा कि शिव सेना ने इसके सबूत मुख्यमंत्री को दिए हैं। हमारे अतिथि कौन हैं? जिन्होंने संसद, शहरों और सैनिकों पर हमले किए। परमाणु बम डालने की बात करनेवाले अतिथियों के लिए लाल कालीन बिछाना देश का अपमान है। राऊत ने मांग की कि ‘राष्ट्र विरोधी प्रोपेगेंडा सहन नहीं किया जाएगा’ कहने वाले मुख्यमंत्री अब हस्तक्षेप कर इस कार्यक्रम को रोकें।

राऊत ने कहा कि जिन्हें स्याही फेंकने पर इतना गुस्सा आ रहा है उनका खून सीमा पर पाकिस्तानियों द्वारा भारतीय सैनिकों के मारे जाने पर नहीं खौलता। ऐसे लोग पाकिस्तान के चमचे हैं। यह स्याही नहीं है उन शहीद सैनिकों का खून है। कुलकर्णी पर स्याही फेंकी गई या डामर पोता गया इसे देखा जाए। यह काम हमने नहीं किया। अगर वह कहते हैं कि यह काम शिव सैनिकों ने किया है, तो मैं कहूंगा कि हां किया और शिव सैनिकों में राष्ट्रभक्ति की आग ऐसी ही जलती रहे। शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे पाकिस्तान का विरोध करते थे और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की भी यही नीति है। यह मर्दानगी का काम है।

इस बीच देर शाम डीसीपी (जोन चार) अशोक डुढे ने बताया कि पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में शिवसेना के शाखा प्रमुख गजानंद पाटिल शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने अन्य आरोपियों की पहचान दिनेश प्रसाद, अशोक वाघमारे, प्रकाश हुसबे, समाधान जाधव और वेंकटेश नायर के रूप में की है।

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