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उद्धव ठाकरे का बीजेपी पर हमला- हमारी माताएं असुरक्षित हैं और आप गोमाता की सुरक्षा में लगे हैं!

उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा गायों को संरक्षण दे रही है जबकि महिला सुरक्षा के मामले पर ढुलमुल रवैया दिखा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के बारे में शिवसेना के विचार भाजपा के विचारों से अलग हैं।

वर्ली में एक सभा के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। (Express photo by Ganesh Shirsekar)

शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व के मुद्दे पर एक बार फिर से भाजपा को आड़े हाथों लेने की कोशिश की है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा गायों को संरक्षण दे रही है जबकि महिला सुरक्षा के मामले पर ढुलमुल रवैया दिखा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के बारे में शिवसेना के विचार भाजपा के विचारों से अलग हैं।

तेरा हिंदुत्‍व मेरा हिंदुत्‍व: शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह देश में पिछले तीन-चार साल से चल रहे हिंदुत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा,”हिंदुत्व के बारे में हमारी ऐसी सोच नहीं है। गायों के संरक्षण की होड़ ने हमारे देश को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित बना दिया है। हम गौ माता को बचा लेंगे लेकिन मेरी अपनी माता का क्या होगा? महिलाओं को बचाने के बजाय अगर किसी के पास बीफ है तो हम उस पर सवाल उठा रहे हैं। ये हिंदुत्व नहीं है।”

राज ठाकरे ने कार्टून के जरिए अमित शाह और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा था। फोटो सोर्स – ट्विटर

चाणक्‍य नहीं हैं शाह: ठाकरे ने अपने इंटरव्यू में अमित शाह पर भी निशाना साधा। शाह ने हाल ही में 2019 के लोकसभा चुनावों में शिव सेना के साथ किसी गठबंधन से इंकार किया था। उद्धव ठाकरे ने ये इंटरव्यू शाह के बयान के ठीक एक बाद दिया था। खास बात यह है कि अमित शाह को आमतौर पर राजनीति का आधुनिक चाणक्य भी कहा जाता है।

इसी पर उद्धव ने चुटकी लेते हुए कहा,”चाणक्य ने अपनी राजनीति का इस्तेमाल अपने देश को बेहतर बनाने के लिए किया था, न कि अपनी पार्टी को बेहतर बनाने के लिए। चाणक्य ने कहा था कि देश के दुश्मनों को पराजित करो, न्यायपूर्ण तरीके से शासन करो। क्या वह शख्स जो खुद को चाणक्य कहता है ये गुण रखता है? ये आधुनिक चाणक्य सिर्फ अपनी पार्टी के विकास के लिए नीतियां लागू करना चाहता है, देश के लिए नहीं।”

ध्‍यान बांंटने की कोशिश में भाजपा : उद्धव ठाकरे ने स्कूलों में भगवदगीता बांटने के फैसले को ध्यान भटकाने वाला बताया। उन्होंने कहा, ये धर्मों की कट्टरता को झेल रहे लोगों का ध्यान बंटाने की साजिश है। उद्धव ने कहा,”एक तरफ हम डिजिटल इंडिया का सपना देख रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ हम भगवदगीता बांट रहे हैं। इसके बजाय आप शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की तरफ ध्यान क्यों नहीं देते?” गौर करने वाली बात ये भी है कि शिव सेना ने लोकसभा में शुक्रवार को एनडीए गठबंधन की सरकार के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव में होने वाली वोटिंग से गैर हाजिर रहने का फैसला किया था।

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