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शिवसेना नेता संजय राउत बोले- लोगों का पेट भरा होगा तभी भारत माता की जय बोलेंगे

माता की जय बोलने को लेकर चल रहे विवाद को लेकर संजय राउत ने कहा, "लोग बिना धर्म और जाति की परवाह किए भारत माता की जय बोलेंगे यदि उनके पेट भरे होंगे। 33 करोड़ लोगों को भूख और गरीबी की ओर धकेलना, यह एंटी नेश्नलिज्म है।"

Author नई दिल्ली | April 28, 2016 12:45 PM
शिवसेना नेता संजय राउत (फाइल फोटो)

राज्य सभा में शिव सेना सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र में सूखे को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने जहां भाजपा, कांग्रेस और खुद को महाराष्ट्र की इस हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया वहीं पीएम मोदी पर भी सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा न किए जाने को लेकर निशाना साधा। राउत ने कहा, “हर सत्र में हम पानी की कमी और सूखे को लेकर वहीं चर्चा करते हैं और मंत्रियों के वहीं जवाब होते हैं। पार्टी इस काम के लिए केंद्र सरकार नहीं चला रही है। मध्य प्रदेश मे भाजपा की सरकार है। हम 2 साल तक सत्ता में रहे हैं। जबकि कांग्रेस 50 साल तक सत्ता में रही है। हम सभी भारत की जनता को इस बिना खाने और पानी की हालत में लाने के लिए जिम्मेदार हैं।”

माता की जय बोलने को लेकर चल रहे विवाद को लेकर उन्होंने कहा, “इसका धर्म से कोई लेना देना नहीं है। हकीकत यह है कि लोग सूखे से बुरी तरह त्रस्त हैं। वह मजबूर हैं कि अपने बच्चों को स्कूल से निकालने और उनकी शादियां रद्द करने के लिए। लोग बिना धर्म और जाति की परवाह किए भारत माता की जय बोलेंगे यदि उनके पेट भरे होंगे। 33 करोड़ लोगों को भूख और गरीबी की ओर धकेलना, यह एंटी नेशनलिज्‍म है।”

बता दें कि राउत ने कहा था कि कांग्रेस मुक्त भारत सिर्फ सूखा मुक्त भारत के साथ ही संभव है। इस बात पर उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस मुक्त भारत का वादा किया था। हमने उसे आम चुनावों में ही हांसिल कर लिया था। सूखा, गरीबी और बेरोजगारी, यह सब कांग्रेस की ही विरासत है। देश कांग्रेस से तब तक मुक्त नहीं होगा जब तक हम इन सब चीजों से मुक्त नहीं होते।

यह पूछे जाने पर कि आपने पीएम मोदी को बुंदेलखंड और मराठवाड़ा का दौरा करने का मश्वरा क्यों दिया था? ..पर उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र में सूखे के प्रकोप को कम करने के लिए पैकेज की मांग करते रहते हैं। हमारे पीएम लगातार विदेश दौरों पर जाते रहते हैं। असम से लेकर पश्चिम बंगाल, और तमिलनाडु से लेकर केरल तक वह हर जगह जाते हैं। अब उन्हें बुंदेलखंड और मराठवाड़ा का दौरा करना चाहिए और दुख और गुस्से से रूबरू होना चाहिए। एक बार उन्होंने ऐसा कर दिया तो हमें उनसे कुछ भी मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह खुद ही राजकोष के दरवाजे खोल देंगे।

यह पूछे जाने पर कि आपको क्यों लगता है कि नरेगा बहुत बुरा प्रदर्शन कर रहा है? उन्होंने कहा, “मैं एसबीआई अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य के दिए बयान को सुन रहा था जिसमें उन्होंने कहा था, “किसानों को खेती के अलावा आय के अन्य उपाय भी तलाशने चाहिए।” ऐसे बयान देना आसान है, लेकिन नरेगा ने उन्हें वह नौकरियां नहीं दी जिनकी उन्हें जरूरत है। एसबीआई विजय माल्या का कुछ नहीं बिगाड़ सकी, लेकिन यदि कोई किसान कर्ज नहीं चुका पाता है तो आप उसकी संपत्ति सीज कर देते हैं।”

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