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उद्धव तो मोदी जी के होते हुए CM बन पाए न?- पत्रकार ने टोका, बोले राउत- फेवरिज्म किया है, वो संविधान के खिलाफ तो नहीं है न

मुख्यमंत्री बनने के एक सवाल के जवाब में सांसद संजय राउत ने कहा कि सच बात यह है कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे।

sanjay raut, shivsena, maharashtraशिवसेना सांसद संजय राउत (Express Photo/ Vishal Srivastav)

2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने भाजपा का साथ छोड़ अपने वैचारिक विरोधी कांग्रेस और शिवसेना से गठबंधन कर लिया था और उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाया गया था। जब उद्धव मुख्यमंत्री बने थे तो वे महाराष्ट्र के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। उद्धव ठाकरे को बाद में महाराष्ट्र विधान परिषद् की सदस्यता दिलाई गई थी। इसी को लेकर जब एक टीवी शो में पत्रकार ने शिवसेना सांसद संजय राउत से पूछा कि उद्धव तो मोदी जी के रहते ही सीएम बन पाए न। तो संजय राउत ने कहा कि अगर उन्होंने फेवरिज्म किया है तो वो संविधान के खिलाफ नहीं है।

दरअसल आज तक न्यूज चैनल पर आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में एंकर प्रभु चावला ने संजय राउत से पूछा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल तो वहां के एमएलसी का चुनाव होने नहीं दे रहे थे लेकिन मोदी जी ने थोडा फेवरिज्म किया और वहां चुनाव होने दिया। इसके जवाब में संजय राउत ने कहा कि जो फेवरिज्म किया है वह संविधान के खिलाफ तो नहीं है न। इसके अलावा जब एंकर ने पूछा कि अभी तक तो 12 लोगों को मनोनीत नहीं किया गया है तो उन्होंने कहा कि यह संविधान की हत्या है।

साथ ही संजय राउत ने कहा कि हमने देश में बहुत से राज्यपाल देखे हैं। लेकिन संविधान के दायरे में रहकर जो काम करना चाहिए वो नहीं करते हुए सिर्फ राजनीतिक विचार से प्रेरित होकर इस तरह के काम को रोकना एक प्रकार से संविधान की हत्या है। इंटरव्यू के दौरान शिवसेना सांसद संजय राउत ने उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का कारण भी बताया।

  

कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के एक सवाल के जवाब में सांसद संजय राउत ने कहा कि सच बात यह है कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे। शरद पवार और सब नेताओं के बीच जब यह चर्चा हुई कि इस सरकार का नेतृत्व कौन करेगा जो तीनों पार्टियों को साथ लेकर चलेगा। हमारे पास एक ही विकल्प था कि उद्धव ठाकरे जी से आग्रह करना कि आप सरकार का प्रतिनिधित्व करें। इसके लिए शरद पवार, सोनिया गांधी, मैंने और पार्टी के लोगों ने उनसे आग्रह किया कि अगर आप नेतृत्व करेंगे तो सरकार पांच साल तक चलेगी। ये हमारी सरकार और राज्य की मज़बूरी है कि हमने उन्हें रिक्वेस्ट किया है।

  

इंटरव्यू के दौरान संजय राउत ने दिवंगत नेता बाल ठाकरे के मुस्लिम विरोधी छवि से जुड़े सवाल का भी जवाब दिया। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि बाला साहब कभी मुसलमान विरोधी नहीं थे। बाला साहब ने मुसलमानों का विरोध किया लेकिन वो मुसलमान जो पाकिस्तान और बांग्लादेश के थे साथ ही वो यह भी कहते थे कि बाकी जो मुसलमान हैं वो हमारे हैं।  

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