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अब भाजपा के साथ नहीं बनेगी शिवसेना की बात? सामना में आगे के चुनाव NCP, कांग्रेस संग लड़ने का ऐलान

शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय के मुताबिक, “भाजपा और कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अगर हर पार्टी ऐसा करने की कोशिश कर रही है तो शिवसेना और राकांपा महाराष्ट्र के हितों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन में चुनाव लड़ेंगी।"

पिछले हफ्ते, राकांपा नेता और उप उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे, शरद पवार और सोनिया गांधी द्वारा सरकार बनाने का फैसला लेने के बाद तीनों दल एक साथ आए हैं। (फाइल)

मनोज दत्तात्रेय मोरे
महाराष्ट्र में सरकार में शामिल तीनों दल आगे भी एक साथ ही चुनाव लड़ेंगी। शिवसेना का मुखपत्र सामना के संपादकीय में इस बात की संभावना जताई गई है। शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि वह एनसीपी के साथ गठबंधन में भविष्य का चुनाव लड़ेगी, शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि उसे विश्वास है कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगे।

शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय के मुताबिक, “भाजपा और कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अगर हर पार्टी ऐसा करने की कोशिश कर रही है तो शिवसेना और राकांपा महाराष्ट्र के हितों को ध्यान में रखते हुए गठबंधन में चुनाव लड़ेंगी।मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राकांपा प्रमुख शरद पवार इस तरह के गठबंधन के लिए उत्सुक हैं। राज्य में कांग्रेस महा विकास अघाड़ी सरकार का एक महत्वपूर्ण घटक है। हालांकि, महाराष्ट्र में कांग्रेस तीसरे स्थान पर है, इसके बावजूद एमपीसीसी प्रमुख नाना पटोले ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर पार्टी के अंदर विश्वास जगाने की कोशिश की है। ”

शिवसेना के मुखपत्र के मुताबिक, पटोले के मन में इस बात को लेकर कोई भ्रम नहीं है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। पटोले ने पूरे विश्वास के साथ कहा है कि कांग्रेस सत्ता में आएगी और मुख्यमंत्री भी कांग्रेस का ही होगा। उनके मन में कोई भ्रम नहीं है कि मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी उन्हें अनुमति देती है तो वह मुख्यमंत्री होंगे। लेकिन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि जिस पार्टी को 145 विधायक मिलेंगे, वह सरकार बनाएगी और उसका मुख्यमंत्री भी होगा…राजनीति में बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन अगर आपके पास संख्या नहीं है, तो फिर इसका कोई मतलब नहीं है।”

शिवसेना ने भी बीजेपी के साथ गठबंधन से इनकार किया है। भाजपा नेता रावसाहेब दानवे ने भी कहा कि भविष्य में भाजपा-शिवसेना गठबंधन संभव नहीं है। इसलिए बीजेपी को अकेले ही चुनाव लड़ना होगा।

संपादकीय में सामना ने लिखा, “दानवे ने कहा कि राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन और दोस्त नहीं होते हैं। यह बिल्कुल सच है… दानवे पार्टी के प्रमुख नेता हैं। वह जो कुछ भी कहते हैं उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2024 के चुनाव अभी दूर हैं। लेकिन प्रमुख राजनीतिक दल चुनाव का हौसला बढ़ा रहे हैं। क्या वे तय समय से पहले चुनाव कराने की कोशिश कर रहे हैं? महाराष्ट्र में कोई भी पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करना चाहेगी। इसलिए, भाजपा के लिए अपने दम पर चुनाव लड़ना अनिवार्य है।”

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