संजय राउत हिंदूवादी, ‘हिंदूजीवी’ या ‘सत्ताजीवी’ हैं? Shivsena के मुख्य प्रवक्ता ने दिया ये जवाब

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर हम सत्ताजीवी होते तो भाजपा के साथ लंबी दोस्ती न होती।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: March 21, 2021 11:34 AM
sanjay raut , shivsena, congressशिवसेना सांसद संजय राउत (फोटो – पीटीआई)

शिवसेना सांसद और पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादक संजय राउत अधिकतर हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों के लिए तल्ख तेवर अपनाने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में जब एक टीवी शो में उनसे पूछा गया कि संजय राउत क्या हैं, उनकी पहचान क्या है। आप हिंदूवादी हैं, सेक्युलरवादी हैं। या हिंदूजीवी हैं या सत्ताजीवी हैं। इस पर संजय राउत ने कहा, “सत्ताजीवी हम कभी नहीं थे। अगर हम सत्ताजीवी होते तो 25 साल तक भाजपा के साथ इतनी प्यारी और गहरी दोस्ती हमारी नहीं होती। हम हिंदूजीवी जरूर रहे हैं।”

राउत ने कहा, “बालासाहेब ठाकरे जी का जो उल्लेख होता है, लोग हिंदू हृदय सम्राट के नाम से आज भी जानते हैं उन्हें। चाहे वे हमारे साथ नहीं हैं तो लोगों की श्रद्धा आज भी उनके ऊपर है।” इससे सभी का सीना चौड़ा हो जाता है। लेकिन हम शिवसेना, इस संगठन से जुड़ी हमारी जेनरेशन, उस वक्त हमारी लड़ाई चली महाराष्ट्र में- भूमिपुत्रों की लड़ाई। तब से 60 साल हो गए, 60 साल एक पार्टी खड़े रखना और यहां तक लाना। कोई आसान चीज नहीं है।”

पवार जी, सोनिया जी के कहने पर सीएम बने उद्धव ठाकरे: इसके बाद जब संजय राउत से एंकर प्रभु चावला ने पूछा कि ठाकरे जी का हमेशा था कि हमारे परिवार से कोई सीएम नहीं बनेगा। सत्ता में नहीं रहेगा। इस पर राउत ने कहा- आपकी बात मैं करेक्ट करुंगा। उद्धव ठाकरे जी कभी मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे। शरद पवार साहब ने रिक्वेस्ट किया। पार्टी के लोगों ने रिक्वेस्ट किया। सोनिया जी ने रिक्वेस्ट किया कि अगर आप (उद्धव) नेतृत्व करेंगे इस सरकार का, तो यह चलेगी।

सावरकर के मुद्दे पर कांग्रेस को देते रहे हैं चेतावनी: संजय राउत से जब पूछा गया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी में जो कमी आपको दिखती थी पांच साल पहले वो अभी देखना बंद कर दिया आपने। थोड़ी देर के लिए आख बंद कर ली आपने। इस पर राउत ने कहा कि आंख नहीं बंद की। हमारी आंखें खुली हैं। जब वे हमसे मिलते हैं तो हम बात भी करते हैं। तो हम कहते हैं कि यह गलतियां बंद करो, इस वजह से कांग्रेस नीचे जा रही है। ये वीर सावरकर का विरोध या ओवर सेक्युलरिज्म से न हिंदू आपके पास है, न मुस्लिम आपके पास है।

संजय राउत ने कहा कि बहुत बार ये मजबूरी होती है कि जब आप राजनीति में आते हैं तो कोई साधु-संत तो नहीं होते। हमने किसी के साथ सत्ता के लिए समझौता नहीं किया। ये हमारे ऊपर भाजपा ने थोप दिया। हमको धकेल दिया। हम आपके साथ रहना नहीं चाहते। 2014 में गठबंधन हमने नहीं तोड़ा भाजपा के साथ।

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