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‘अब हिटलर का भी भूत मर गया, डर दिखाकर शासन करने वाले खुद खौफजदा हैं’, बीजेपी पर शिवसेना का नया तंज

शिवसेना ने तीखा हमला करते हुए लिखा है कि बदले की, टांग खींचने की और गुलामी की राजनीति सभी को खत्म करनी है, औरों को डर दिखाकर शासन करने वाली टोली आज खुद खौफजदा है।

maharashtra government formation, bjp, shiv sena, saamna, shiv sena mouthpiece, bjp-shiv sena alliance, महाराष्ट्र, शिवसेना, uddhav thackeray, devendra fadnavisशिवसेना नेता संजय राउत ने सामना में लेख के जरिये भाजपा पर साधा निशाना। (फोटोः सामना)

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं है। वहीं शिवसेना का भाजपा पर हमला पहले की तरह ही जारी है। बता दें कि शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के ताजा लेख में एक बार फिर भाजपा की आलोचना की है। ‘अब हिटलर का भूत भी मर गया’ शीर्षक से लिखे लेख में शिवसेना ने दिल्ली में वकीलों और दिल्ली पुलिस के जवानों के बीच हुई हिंसक झड़प से बात शुरु की है और दिल्ली पुलिस के धरने और वकीलों के धरने से राजधानी में कानून व्यवस्था के धराशायी होने के लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया। शिवसेना ने लिखा कि रोज व्यभिचारियों की तरह बर्ताफ करने वाले दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्हें गलतफहमी है कि जनता बुद्धिहीन हो गई है।

लेख में लिखा गया है कि अमित शाह राज्य की घटनाओं से अलिप्त रहे। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना ढलते हुए मुख्यमंत्री से बात करने को तैयार नहीं है, ये सबसे बड़ी हार है। सामना के लेख के अनुसार, महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह उद्धव ठाकरे तय करेंगे। इसके साथ ही शरद पवार को राज्य का बड़ा नेता बताया गया है और लिखा गया है कि सरकार गठन में शरद पवार की अहम भूमिका होगी। कांग्रेस की भी कोशिश है कि महाराष्ट्र में दोबारा भाजपा का मुख्यमंत्री ना बने।

शिवसेना ने तीखा हमला करते हुए लिखा है कि बदले की, टांग खींचने की और गुलामी की राजनीति सभी को खत्म करनी है, औरों को डर दिखाकर शासन करने वाली टोली आज खुद खौफजदा है। लेख के अनुसार, डराकर समर्थन नहीं मिलता है, अब यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि हिटलर भी मर गया है और गुलामी की छाया हट गई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को बेखौफ होकर काम करना चाहिए।

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बहुमत पाने के बावजूद भाजपा-शिवसेना गठबंधन में सरकार गठन को लेकर सहमति नहीं बन पायी है। शिवसेना ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पोस्ट साझा करने की मांग पर अड़ी है, जबकि भाजपा इससे साफ इंकार कर रही है। इसी बीच शिवसेना के एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से राज्य में सरकार बनाने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं शनिवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को सरकार गठन के लिए न्योता दिया है। भाजपा को 11 नवंबर तक बहुमत साबित करना है।

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