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बीजेपी से अलग आदित्य ठाकरे के दावे, बोले- किसान नाराज, युवा बेरोजगार, आर्थिक हालात बहुत गंभीर

आदित्य ठाकरे ने कहा कि कृषि क्षेत्र की हालत खराब है लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसमें सुधार देखेने को मिलेगा।

Shiv Sena, Aditya Thackeray, BJP government, Kisan debt, slow economy, employment, unemployment, gdp, maharashtra electionआदित्य ठाकरे हो सकते हैं ठाकरे परिवार से चुनाव लड़ने वाले पहले शख्स। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज माफी का फायदा अब तक बहुत से किसानों को नहीं मिला। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी और आर्थिक हालातों की मौजूदा स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। एक न्यूज वेबासइट से बातचीत में आदित्य ठाकरे ने कहा कि कृषि क्षेत्र की हालत खराब है लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसमें सुधार देखेने को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ‘राज्य में किसान कर्ज माफी का फायदा आखिरकार लोगों को क्यों नहीं मिल रहा इसका हमारी पार्टी द्वारा पता लगाया जा रहा है। हम गांव-गांव जाकर जनता से संपर्क कर रहे हैं। और रही बात मौजूद आर्थिक हालातों की तो यह बेहद गंभीर हैं। जीडीपी के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं लेकिन मुझे यकीन है कि इसमें भी जल्द सुधार होगा।’

हालांकि बीजेपी की तरफ से कई मौकों पर दावे किए गए हैं कि राज्य में किसानों को कर्जमाफी का फायदा मिल रहा है। वहीं बेरोजगारी के मुद्दे को भी बीजेपी नकारती रही है। बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी के साथ सरकार में शामिल है। ऐसे में आदित्य के ये बयान अपनी ही सरकार की कार्यशैली के खिलाफ हैं। वहीं आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का गठबंधन एक साथ चुनाव भी लड़ने जा रहा है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दोनों दलों के बीच अदावत की खबरों के बीच कहा है कि बीजपी-शिवसेना का गठबंधन अटल है और यह एक बार फिर से सत्ता में वापसी करेगा।

मालूम हो कि ठाकरे परिवार बीते 50 साल से राजनीति में सक्रिय है। लेकिन अबतक परिवार के किसी भी सदस्य ने चुनाव नहीं लड़ा। कयास लगाए जा रहे हैं कि आदित्य परिवार से पहले ऐसे शख्स होंगे जो चुनाव मैदानी में उतरेंगे। महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। आदित्य की अगुआई में ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ निकाली जा रही है। इसके जरिए वह लोगों सो संपर्क साध रहे हैं।

वहीं चुनाव के बाद कैबिनेट में शामिल होने के कयासों पर उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ‘बाला साहब ठाकरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे आदर्श हैं। दोनों ने कभी पद का लालच नहीं किया और मैं भी पद के पीछे नहीं भागता।’

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