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नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है भाजपा व शिवसेना की बातचीत

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के मध्यावधि चुनाव के बयान के बाद भाजपा ने महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार को स्थिरता देने के लिए वैकल्पिक समर्थन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा और शिवसेना के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। भाजपा की ओर से वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा […]

Author November 22, 2014 09:10 am
सामना के संपादकीय में कहा गया है, “भगवा पार्टी मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार के साथ जुड़कर अपनी उंगलियां जला रही है।”

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के मध्यावधि चुनाव के बयान के बाद भाजपा ने महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार को स्थिरता देने के लिए वैकल्पिक समर्थन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा और शिवसेना के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। भाजपा की ओर से वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज जैसे नेता बातचीत का जिम्मा संभाल रहे हैं। मगर शिवसेना की कुछ मांगों को लेकर भाजपा असमंजस में है।

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना 12 मंत्रियों की अपनी मांग पर अड़ी है। उसे सूबे में दस मंत्रियों के अलावा केंद्र में दो मंत्री पद चाहिए। भाजपा शिवसेना को पांच कैबिनेट और दो राज्यमंत्री पद देने के लिए तैयार है। उपमुख्यमंत्री की मांग छोड़कर सेना अब गृह मंत्रालय चाहती है पर भाजपा यह मंत्रालय उसे देने के लिए तैयार नहीं है। बातचीत की गाड़ी बार-बार यहीं आकर रुक रही है। राज्य के चुनाव प्रभारी रहे राजीव प्रताप रूड़ी भी गुरुवार को इसी सिलसिले में मुंबई आए थे। हालांकि रूड़ी ने राकांपा के समर्थन को उचित बताते हुए कहा है कि अगर सूबे के विकास के लिए किसी पार्टी से समर्थन मिलता है तो वह उचित है।

भाजपा कार्यालय में रूड़ी ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने (राकांपा) खुद समर्थन दिया तो हम इनकार क्यों करेंगे। हम विकास के मुद्दे पर सरकार चलाना चाहते हैं। सरकार में शामिल होने को लेकर शिवसेना से चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि सूबे में भाजपा की सरकार पांच साल चलेगी। रूड़ी ने कहा कि यह सच है कि भाजपा ने राकांपा के खिलाफ प्रचार किया था मगर कोई विकास के लिए समर्थन करता है, तो उसका समर्थन ठुकराना उचित नहीं है।

भाजपा और शिवसेना की बातचीत के किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाने के कारण बातचीत का दौर लंबा खिंच सकता है। संभवत: इसी के मद्देनजर 25 नवंबर को होने वाला राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार 29 या 30 नवंबर तक आगे बढ़ सकता है। इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर में कह चुके हैं कि सूबे में मंत्रिमंडल का विस्तार 25 नवंबर से एक दिसंबर के बीच कभी भी किया जा सकता है। गुरुवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह से स्थिर है। उसे कब तक चलना चाहिए, यह जनता को तय करना है। इसके साथ उन्होंने माना कि सूखे के कारण राज्य में हालात गंभीर हैं और केंद्र सरकार की मदद से राज्य सरकार इस स्थिति का मुकाबला करेगी।

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