इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। बता दें कि एआई समिट हंगामे के मामले में हुई मंगलवार (24 फरवरी 2026) सुबह दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर दिया था। AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के मामला दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है। इस मामले में आगे की जांच इंटर स्टेट क्राइम ब्रांच जांच करेगी।

किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है। दिल्ली पुलिस ने चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। दिल्ली पुलिस ने नेशनल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कोर्ट से 7 दिन की रिमांड देने की मांग की थी।

बता दें कि रिमांड पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि भानु चिब मास्टरमाइंड है। उन्होंने कहा कि दूसरे आरोपी जो हिमाचल , जम्मू और अमेठी में है उनको भी गिरफ्तार करना है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन लोग ने वैश्विक मंच पर और तमाम विदेशी डेलीगेट के सामना भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है।

इन लोगो ने तमाम फॉरेन डेलीगेट के सामने भारत की छवि को नुकसान पहुचने की कोशिश की है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और देश की एकता प्रभावित होने का मुद्दा जुड़ा हुआ है।

20 घंटे चली पूछताछ

AI समिट में हुए बवाल और शर्टलेस विरोध-प्रदर्शन के आरोप में यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था और तिलक मार्ग थाने में पूछताछ की थी। जानकारी के मुताबिक, यह पूछताछ करीब 20 घंटे चली। उदय भानु पर आपराधिक साजिश और पुलिस वालों से हाथापाई जैसे आरोप लगे हैं।

गिरफ्तारी पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया

उदय भानु की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ”यह शर्म की बात है कि उन्हें किसी के शांतिपूर्ण विरोध से दिक्कत है। तानाशाह को जो आईना दिखाता है, उसे वह जेल में डाल देता है। पुलवामा, पहलगाम हमले और लाल किला धमाके के पीछे जो आतंकवादी हैं, क्या सभी गिरफ्तार हो गए? आप आतंकवादी हमलों के दोषियों को पकड़ नहीं पा रहे लेकिन अगर कोई अपनी शर्ट उतारकर विरोध करता है तो आप डर जाते हैं। यही इस सरकार की सच्चाई है।”

AI समिट में क्या हुआ था?

बता दें कि 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया। जिसके बाद देशभर में सियासी तूफान मचा। दिल्ली पुलिस ने सभी के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी जैकेट और स्वेटर के नीचे नरेंद्र मोदी के फोटो वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी।

पुलिस ने पिछले सप्ताह शुक्रवार को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा गया था। उनकी पहचान जितेंद्र यादव, राज गुज्जर और अजय कुमार के रूप में की गयी है। इसके अलावा, युवा कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव रितिक उर्फ ​​मोंटी शुक्ला को राज्य के ललितपुर से हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और सद्भाव विरोधी हानिकारक कृत्य) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक बयान) शामिल हैं, जिनमें तीन साल तक की कैद का प्रावधान है। आपराधिक साजिश, लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालना, लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा, गैरकानूनी सभा और साझा मंशा के आरोप पहले ही प्राथमिकी में जोड़ दिए गए थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के वास्ते क्यूआर कोड प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। जांचकर्ता कथित साजिश के पहलू की और विरोध-प्रदर्शन के पीछे के वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि टी-शर्ट पर नारे छपवाने के लिए किसने धन दिया था। इस मुद्दे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ”वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य” बताया, जबकि भारतीय युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया ”शांतिपूर्ण” प्रदर्शन बताकर इसका बचाव किया।