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‘6 बार भेजा समन तुम क्यों नहीं आए?’ कोर्ट में भिड़े CBI के मौजूदा अधिकारी और पूर्व IO, नंबर दो रहे राकेश अस्थाना को बचाने का लगाया आरोप

दिल्ली की एक अदालत को शुक्रवार को बताया गया कि रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ "ठोस सबूत" थे। इस मामले में अस्थाना को हाल ही में क्लीन चिट दी गई थी।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Published on: February 28, 2020 2:25 PM
वर्तमान जांच अधिकारी सतीश डागर और पूर्व जांच अधिकारी अजय कुमार बस्सी।

सीबीआई बनाम सीबीआई रिश्वतखोरी मामले में दिल्ली की विशेष अदालत में चार्जशीट पर विचार करने के दौरान वर्तमान जांच अधिकारी सतीश डागर और पूर्व जांच अधिकारी अजय कुमार बस्सी के बीच काफी कहासूनी हुई। दिल्ली की एक अदालत को शुक्रवार को बताया गया कि रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ “ठोस सबूत” थे। इस मामले में अस्थाना को हाल ही में क्लीन चिट दी गई थी।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल को मामले के पूर्व जांच अधिकारी अजय कुमार बस्सी ने बताया कि सतीश डागर अस्थाना और अन्य सरकारी कर्मचारियों को “बचाने” की कोशिश कर रहे थे। अदालत ने इस मामले में सीबीआई की जांच को लेकर 12 फरवरी को अप्रसन्नता जाहिर की थी और पूछा था कि बड़ी भूमिकाओं वाले आरोपी खुलेआम क्यों घूम रहे हैं जबकि जांच एजेंसी ने अपने ही पुलिस उपाधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

अस्थाना और डीएसपी देवेंद्र कुमार का नाम आरोपपत्र के 12वें कॉलम में था क्योंकि उन्हें आरोपी बनाए जाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे। कुमार को 2018 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई थी।

बस्सी ने दावा किया कि मुख्य खिलाड़ी मनोज प्रसाद ने अक्टूबर 2018 में पूछताछ के दौरान इन नामों का खुलासा किया था, लेकिन डागर द्वारा इनकी जांच नहीं की गई थी। डागर ने पूर्व जांच अधिकारी के आरोपों पर कहा, “मेरे पास संगठन में आपसे बेहतर एंटीकेडेंट्स हैं। व्यक्तिगत स्तर पर आरोप न लगाएं। मैंने आपको छह बार तलब किया, यदि आप जांच में सहायता करना चाहते हैं तो आप क्यों नहीं आए?”

डागर ने कहा “बस्सी से पूछना चाहिए, उन्होंने केवल 15 और 23 अक्टूबर, 2018 के बीच जांच की, लेकिन उन्हें कैसे पता चला कि सीबीआई में क्या हो रहा है? उसने हमारी जांच में घुसपैठ कैसे की?” इसपर विशेष सीबीआई न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने हस्तक्षेप करते हुआ कहा कि आप दोनों एक ही एजेंसी में हैं। आप दोनों को वहां वापस जाना होगा। सार्वजनिक रूप से इस तरह की हरकत ना करें। न्यायाधीश ने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो मैं फिर से आप दोनों को आगे स्पष्टीकरण के लिए बुलाऊंगा, लेकिन साथ में नहीं।

सीबीआई ने हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना की शिकायत के आधार पर अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सना 2017 के उस मामले में जांच का सामना कर रहा है जिसमें मांस व्यापारी मोइन कुरैशी की भी संलिप्तता है।

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