बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में दिए गए बयानों से ढाका नाराज हो गया था। इसके पांच दिन बाद सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारतीय दूत दिनेश त्रिवेदी के साथ उनके प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, त्रिवेदी की रहमान से मुलाकात उसी समय हुई जब रॉ (R&AW) प्रमुख पराग जैन के नेतृत्व में एक शीर्ष स्तरीय भारतीय खुफिया और सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश दौरे पर था। रविवार को पहुंचा यह प्रतिनिधिमंडल बांग्लादेश की प्रमुख खुफिया एजेंसी डीजीएफआई के अधिकारियों से मिल रहा है।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी

त्रिवेदी की रहमान से मुलाकात भारतीय उच्चायुक्त का पदभार संभालने के बाद उनकी पहली मुलाकात थी। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, “बांग्लादेश ने आशा व्यक्त की कि भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा।”

हसीना को बांग्लादेश में मौत की सजा का सामना करना पड़ रहा है और उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण 5 अगस्त, 2024 को देश छोड़ने के लिए मजबूर होने के बाद से वह भारत में रह रही हैं।

शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की योजना बनाई

पांच दिन पहले नई दिल्ली में ऑडियो लिंक के जरिये मीडिया को संबोधित करते हुए बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने कहा कि वह इस साल के आखिर में यानी कि दिसंबर में अपने देश लौटने की योजना बना रही हैं। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने भारतीय उच्चायुक्त का स्वागत किया। उच्चायुक्त ने प्रधानमंत्री के साथ ढाका में पिछले दो महीनों के अपने कार्यकाल से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।”

इसमें कहा गया है, “बांग्लादेश और भारत के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। बांग्लादेश ने आशा व्यक्त की कि भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा।”

बांग्लादेश ने शेख हसीना के कार्यक्रम पर दी थी तीखी प्रतिक्रिया

इससे पहले 5 अगस्त को हसीना के कार्यक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा था, “बांग्लादेश इस बात से बेहद आक्रोशित है कि फरार और दोषी ठहराई गई शेख हसीना को आज शाम नई दिल्ली में मीडिया के साथ लाइव बातचीत करने की अनुमति दी गई, जहां उन्होंने और उनके साथियों ने बांग्लादेश राज्य और उसके लोगों के खिलाफ जहरीली बयानबाजी की।”

इसमें कहा गया है, “ढाका को इस बात का गहरा अफसोस है कि भारत सरकार को इस आयोजन के हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में पहले से ही चिंता व्यक्त किए जाने के बावजूद, इस सार्वजनिक कार्यक्रम को आयोजित करने की अनुमति दी गई।”

भारत ने शेख हसीना की टिप्पणियों से खुद को किया अलग

भारत ने इस घटना और हसीना की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए कहा कि हसीना की बातचीत के आयोजन में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और उसने इन बयानों का समर्थन नहीं किया।

सोमवार को रहमान-त्रिवेदी बैठक के बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “साथ ही, शहीद उस्मान हादी की हत्या में शामिल हत्यारों को बांग्लादेश वापस लाने के संबंध में भारत से एक बार फिर अनुरोध किया गया।” यह संदर्भ राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के आरोपी दो बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी से संबंधित था। उन्हें इस साल 8 मार्च को पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके में गिरफ्तार किया गया था।

हादी की मौत 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर के एक अस्पताल में हुई। वह 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान एक प्रमुख युवा नेता के रूप में उभरे थे। इसकी वजह से शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, “प्रधानमंत्री (रहमान) ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की जरूरत पर जोर दिया।”

बैठक के दौरान विदेश मंत्री खलीलुर रहमान, प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। त्रिवेदी ने बैठक को फलदायी बताते हुए कहा कि बांग्लादेश और भारत न केवल सीमा साझा करते हैं बल्कि सपने भी साझा करते हैं।

लोकतंत्र में मुद्दे तो उठते ही हैं- त्रिवेदी

त्रिवेदी ने सितंबर में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में रहमान को भारत द्वारा दिए गए निमंत्रण का जिक्र करते हुए कहा, “हम उत्सुक हैं। हमारा निमंत्रण भेजा जा चुका है। हमें पूरा विश्वास है कि अगर दोनों नेता मिलेंगे तो चर्चा होगी। लोकतंत्र में मुद्दे तो उठते ही हैं। अगर मुद्दे न हों तो वह लोकतंत्र नहीं है। लेकिन जनता का सिर्फ एक ही मुद्दा है और वो है अच्छे संबंध। अच्छे संबंध होने से सभी पक्षों को फायदा होगा।”

त्रिवेदी ने कहा, “मैं कोई राजनयिक नहीं हूं। यह जन प्रतिनिधि और जन प्रतिनिधि के बीच की मुलाकात जैसी है। मुझे बहुत खुशी है कि हम मिले। मुझे ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मैं उनसे पहली बार मिल रहा हूं। बहुत अच्छे, बहुत विनम्र, जमीनी स्तर पर बात करने वाले व्यक्ति हैं। चर्चा का विषय जन-संबंध होगा।” उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान न हो सके। उन्होंने कहा, “मैं यह बात पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं।”

दिनेश त्रिवेदी ने सलाहुद्दीन अहमद से भी मुलाकात की

त्रिवेदी ने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद से भी मुलाकात की। रविवार को त्रिवेदी ने रहमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनप्रिय व्यक्ति बताया था और उम्मीद जताई थी कि दोनों नेताओं की मुलाकात से दोनों देशों के बीच के मुद्दों का समाधान निकल सकता है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हम सभी उनका (रहमान का) बहुत सम्मान करते हैं। वे दिल से बोलते हैं। मैंने उनके भाषण कई बार सुने हैं। वे जनप्रिय व्यक्ति हैं, हमारे प्रधानमंत्री (मोदी) भी। मेरा मानना ​​है कि जब दो नेता मिलते हैं, तो कई समस्याओं का समाधान हो जाता है। मुझे उन पर पूरा भरोसा है।”

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पिछले हफ्ते दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के मीडिया कार्यक्रम को लेकर हुए तनाव के बीच, उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ढाका समकक्ष तारिक रहमान के बीच होने वाली आगामी बैठक दोनों देशों के बीच के मुद्दों को सुलझा लेगी। यहां क्लिक कर पढें पूरी खबर…