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पिता ने शहला को बताया देशद्रोही तो पलटवार में बोलीं JNU छात्रा- वो औरतों को पीटने वाला भ्रष्ट इंसान; दिखाया ‘प्रमाण’

जेएनयू की पूर्व छात्रा शहला रशीद ने पिता पर आरोप लगाया है कि वह लंबे समय से परिवार के साथ मारपीट करते थे। इससे पहले पिता ने शहला पर गंभीर आरोप लगाए थे।

shehla rashid, jnu studentशहला रशीद ने पिता पर लगाए घरेलू हिंसा के आरोप।

जेएनयू की पूर्व छात्रा शहला रशीद के पिता ने उनपर देशद्रोह का आरोप लगाया है। इसके बाद शहला ने भी पिता पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पिता अब्दुल रशीद शोरा खुद भ्रष्ट हैं और उनकी मां को पीटते थे। एक ट्वीट में शहला ने कहा कि वह पत्नी का मारने पीटने वाले, गाली देने वाले पतित इंसान हैं। शहला रशीद ने भी दावा किया है कि उन्होंने पिता के खिलाफ फैमिली कोर्ट में घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करवाया है।

शहला के पिता ने कहा कि उनकी बेटी बेरोजगार है लेकिन फिर भी बड़ी फंडिंग ले रही है औऱ देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है। उन्होंने कहा, ‘जेनयू में नारा और ये सब फंड का ही खेल है। रशीद इंजिनियर को लेक्चर दिलवाने की क्या जरूरत थी? उन्होंने मुझे 3 करोड़ देने को कहा था कि बेटी को पार्टी जॉइन करवा दो लेकिन मैंने इनकार कर दिया। शहला के एनजीओ की भी जांच होनी चाहिए। कानूनी दस्तावेजों में दिखा रहा है कि ये बेरोजगार है। मैंने तीन साल समझाया कि यहां से निकलना पड़ेगा। इन्होंने मुझे धमकी दे दी तो मैं भागा-भागा जम्मू आया।’

पिता के आरोपों को खारिज करते हुए शहला ने ट्वीट किया और कहा, ‘परिवार में किसी की मौत हो गई है इसके बाद हम सभी दुखी हैं। मुझे यह भी दुख है कि मेरे पिता अब्दुल रशीद शोरा मेरी बहन, मां और मुझपर गलत आरोप लगा रहे हैं। यद्यपि मामला परिवार का है तो भी मुझे गंभीर आरोपों पर जवाब देना पड़ रहा है। वह लंबे समय से मेरी मां को प्रताड़ित करते रहे हैं इसीलिए मां ने उन्हें घऱ में नहीं घुसने दिया। यह सब उसी की प्रतिक्रिया है। मेरी मां ने सब बर्दाश्त किया। परिवार की इज्जत के लिए वह चुप रहीं। अब हमने शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। मैंने सितंबर में भी एक एफआईआर दर्ज करवाई थी। मैं सबसे निवेदन करती हूं कि उनको गंभीरता से न लें।’

शहला ने एक वेलफेयर कमिटी का लेटर भी ट्वीट किया। इसमें अब्दुल रशीद को सलाह दी गई है के परिवार के साथ अच्छा व्यवहार करें। शहला ने कहा कि यह परिवार का मामला है और लंबे समय से चल रहा है। मोहल्ला कमिटी ने 2005 में हमारे परिवार के लिए यह पत्र लिखा था।

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