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चीन सीमा का मुआयना करेगी शशि थरूर की टीम, राहुल गांधी भी हो सकते हैं शामिल

विदेश मामलों पर गठित संसद की स्थाई समिति चीन सीमा का मौका-ए-मुआयना करेगी। यह समिति कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में गठित है।

Author नई दिल्ली | May 1, 2018 11:20 AM
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (file photo indian express)

विदेश मामलों पर गठित संसद की स्थाई समिति चीन सीमा का मौका-ए-मुआयना करेगी। यह समिति कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में गठित है। बताया जा रहा है कि डोकलाम संकट के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए अगले महीने सिक्किम और अरुणांचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का समिति दौरा करेगी। इस टीम में कांग्रेस अध्यक्ष और अमेठी सांसद राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।क्योंकि राहुल भी इस कमेटी के सदस्य हैं। यह जानकारी सूत्रों ने दी। रिपोर्ट के मुताबिक समिति डोकलाम में भारत-चीन सैन्य गतिरोध के सभी पहलुओं को देख रही है तथा पूर्ववर्ती विदेश सचिव और मौजूदा विदेश सचिव विजय गोखले इस मामले पर बराबर नजर रखे हैं। वे समिति को बराबर अपडेट भी कर रहे हैं।

एक सूत्र ने बताया कि समिति सिक्किम और अरुणांचल प्रदेश में सीमा पर स्थिति का जायजा लेने और जमीनी हकीकत को देखने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेगी। एक अन्य सूत्र ने बताया कि इन दो राज्यों में भारत-चीन सीमा पर स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव लेने का समिति ने विचार किया है।सूत्रों ने बताया कि शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति हालात का मुआयना करने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल कर सकती है। समिति वहां तैनात शीर्ष सुरक्षा और रक्षा अधिकारियों से भी रूबरू हो सकती है।

बता दें कि चीनी सेना की ओर से विवादित ट्राई -जंक्शन में सड़क पर एक निर्माण गतिविधि को भारत ने रोक दिया था। जिसके बाद पिछले वर्ष 16 जून से सिक्किम सेक्टर में डोकलाम में 73 दिनों तक भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध बना रहा था। डोकलाम को लेकर भूटान और चीन के बीच विवाद है। इससे पूर्व विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 31 सदस्यीय संसदीय समिति को सूचित किया था कि भूटान इस मुद्दे पर भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, विचार-विमर्श के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्रालय के अफसरों से सवाल किया कि चीन के उद्देश्य और बींजिंग से टकराव के लिए डोकलाम को क्यों चुना? राहुल ने डोकलाम के निकट चीन की व्यापक निर्माण गतिविधियों संबंधी खबरों के बारे में भी पूछा था, जिस पर अधिकारियों ने जवाब दिया था कि भारतीय क्षेत्र में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।

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