कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उनके द्वारा दिए गए बयान पर सफाई दी है। शशि थरूर ने अफसोस जताया है कि मीडिया उनके बयान को कांग्रेस या उसके नेतृत्व पर हमले के तौर पर पेश कर रहा है।
थरूर ने कहा था कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन को जितना Gen-Z का समर्थन मिला था उतना ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को नहीं मिला। इस टिप्पणी को लेकर विवाद होने के बाद थरूर ने शनिवार को दावा किया कि पत्रकारों ने उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया।
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने 7 अगस्त को मुंबई में आयोजित इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस के दौरान की गई बातचीत को सामने रखा। उन्होंने X पर कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने ऋषभ शाह के साथ उनकी बातचीत को कांग्रेस या उसके नेतृत्व पर हमले के रूप में पेश किया।
क्या कहा था थरूर ने?
जब उनसे पूछा गया था कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को जंतर-मंतर वाले विरोध-प्रदर्शन जितना समर्थन क्यों नहीं मिला तो थरूर ने कहा था कि यह सही बात है और इसीलिए हमें खुद से पूछना होगा कि हम क्या करने में फेल रहे? क्या हम Gen-Z की नब्ज को समझने में नाकाम रहे?
थरूर ने कहा था कि सभी विपक्षी दलों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उन्होंने उन लोगों के लिए अपनी पार्टियों में आने का रास्ता नहीं बनाया जो पिछले महीने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में मौजूद थे। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने वही मुद्दे उठाए जो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने उठाए थे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी। बाद में यह कार्यक्रम देहरादून में हुआ और शनिवार को इलाहाबाद में। इस दौरान गांधी ने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज के केपी ग्राउंड में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो मौजूदा सिस्टम है, इस को नफरत से नहीं बल्कि प्यार से टाटा-टाटा, बाय-बाय करना है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
