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शरद यादव ‘बेटी और वोट’ वाले बयान पर कायम, कहा – मैंने कुछ गलत नहीं कहा

शरद यादव 'बेटी और वोट' पर दिए गए अपने विवादित बयान पर कायम हैं।

शरद यादव ने एक बार कांवड़ियों को बेरोजगार भी बताया था। (फाइल फोटो)

शरद यादव ‘बेटी और वोट’ पर दिए गए अपने विवादित बयान पर कायम हैं। उन्होंने अपने बयान को वापस लेने से भी मना कर दिया। शरद यादव ने कहा, ‘मैंने बिल्कुल गलत नहीं कहा, जैसे बेटी से प्यार करते हैं, वैसे ही वोट से भी होना चाहिए, तब जाकर देश और सरकार अच्छा होगा।’ उन्होंने कहा, ‘वोट और बेटी के प्रति प्रेम और मोहब्बत एक सी होनी चाहिए।’

दरअसल, 24 जनवरी को एक कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा था कि बेटी की इज्जत से वोट की इज्जत बड़ी है। उन्होंने कहा था, ‘ये जो बैलेट पेपर है, याद रखो इसके बारे में सब जगह बड़े पैमाने पर बताने और समझाने की जरूरत है। ये बेटी की इज्जत जाएगी तो गांव मोहल्ले की इज्जत जाएगी, वोट एक बार बिक गया और एक बार गड़बड़ हो गया तो इलाके की, देश की आबरू और आने वाले सपना पूरा नहीं हो सकते।’ उन्होंने यह बयान पटना में 24 जनवरी को हुए एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया था। उसका वीडियो न्यूज एजेंसी ANI ने शेयर किया था।

शरद यादव जनता दल युनाइटेड JD(U) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह इस वक्त राज्यसभा सांसद हैं। उनकी पार्टी ने RJD और कांग्रेस के साथ गठबंधन करके बिहार में 2015 में सरकार बनाई थी। शरद यादव इससे पहले स्मृति ईरानी और दक्षिण भारतीय महिलाओं पर भी विवादित बयान दे चुके हैं। शरद यादव ने स्मृति ईरानी से कहा था, ‘आप क्या हैं, यह मैं जानता हूं।’

वहीं दक्षिण भारतीय महिलाओं का जिक्र करते हुए शरद यादव ने कहा था, ‘‘दक्षिण भारत की महिलाओं का शरीर भी उतना ही सुंदर होता है जितनी वह सुंदर होती हैं। वे हमारे क्षेत्र में उतनी सुंदर नहीं मानी जाती जबकि उन्हें (दक्षिण भारतीयों की तरह) नाचना भी आता हैं।’

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