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शरद पवार ने द‍िया एक और इंटरव्‍यू, बताया क्‍यों बागी हुए थे अज‍ित पवार और कांंग्रेस नेता से हुई थी गरमागरमी

इंटरव्यू के दौरान शरद पवार ने बताया कि अजित पवार क्यों बागी हुए और किन वजहों से उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया था?

Author मुंबई | Updated: December 3, 2019 8:42 PM
एनसीपी चीफ शरद पवार।

बीते दिनों महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर का काफी सियासी उठापटक देखने को मिली। अब उसे लेकर एनसीपी चीफ शरद पवार ने अहम खुलासा किया है। एक इंटरव्यू के दौरान शरद पवार ने बताया कि अजित पवार क्यों बागी हुए और किन वजहों से उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया था? बता दें कि एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में शरद पवार से पूछा गया कि महाराष्ट्र में जब शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के बीच सरकार गठन को लेकर सहमति बन रही थी, तो अचानक से अजित पवार भाजपा के साथ जाने का फैसला क्यों किया?

इस सवाल के जवाब में शरद पवार ने बताया कि जब सरकार गठन से पहले एनसीपी और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही थी, तो एक बैठक के दौरान कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से उनकी (शरद पवार) गरमागरम बहस हो गई। इस बात से अजित पवार बेहद नाराज हो गए और उन्होंने एक सहयोगी से कहा कि जब हमारे बीच अभी से ऐसा हो रहा है तो हम मिलकर कैसे सरकार चला पाएंगे? इसके बाद अजित पवार बैठक छोड़कर चले गए।

शरद पवार ने बताया कि उनके और कांग्रेस नेता के बीच सत्ता बंटवारे के मुद्दे पर गरमागरमी हुई थी। शरद पवार ने कहा कि इसी घटना के बाद उसी रात अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस के बीच बातचीत हुई और फिर सरकार बनाने का फैसला किया गया। शरद पवार ने खुलासा करते हुए ये भी बताया कि एनसीपी और भाजपा नेताओं की बातचीत भी चल रही थी और यह बातचीत सिर्फ विचारों के स्तर तक ही थी।

एनसीपी चीफ ने बताया कि वह भी इस बात से वाकिफ थे कि उनकी पार्टी और भाजपा के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन उन्हें या उनकी पार्टी के किसी नेता को इस बात का अंदाजा नहीं था कि  अजित पवार अचानक ही भाजपा के साथ जाने का फैसला कर लेंगे। शरद पवार ने इंटरव्यू के दौरान यह भी साफ किया कि अजित पवार के भाजपा के साथ जाने में उनकी कोई सहमति नहीं थी और वह खुद अजित पवार के इस कदम से काफी चौंक गए थे।

शरद पवार ने ये भी बताया कि जब महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार बनी और अजित पवार उनके पास आए तो उन्होंने बताया कि एनसीपी और कांग्रेस में सरकार गठन को लेकर जो बातें हुई थीं, वो उससे खुश नहीं थे और इसी बात से नाराज होकर उन्होंने भाजपा के साथ जाने का फैसला किया। हालांकि शरद पवार ने ये भी कहा कि यह अजित पवार का यह कदम पूरी तरह से गलत था और यही वजह रही कि उन्हें मंत्री पद की शपथ नहीं दिलायी गई।

उल्लेखनीय है कि ऐसी भी चर्चाएं थी कि पीएम मोदी ने शरद पवार को राष्ट्रपति पद का ऑफर दिया था। इस मुद्दे पर एबीपी माझा को दिए एक अन्य इंटरव्यू में शरद पवार ने बताया कि ‘यह सच नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र में बीजेपी व एनसीपी की सरकार बनने पर सुप्रिया सुले को केन्द्र में मंत्री पद देने का ऑफर मिला था।’

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