ताज़ा खबर
 

मोदी सरकार पर बरसे शंकराचार्य, कहा- गाय की पूजा वाले देश की सरकार उसका मांस बेचकर पैसा कमा रही है

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह गौ-रक्षकों को अपमानित करते हैं और उन्हें गुंडा और फर्जी गौ-रक्षक कहते हैं।

Author देहरादून | September 2, 2016 8:44 PM
द्वारिका-शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (फाइल एएनआई फोटो)

गौमांस की बिक्री में भारत के पूरे विश्व में प्रथम स्थान पर होने का दावा करते हुए द्धारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने शुक्रवार (2 सितंबर) को कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि गाय की पूजा करने वाले देश की सरकार उसका मांस बेचकर विदेशी मुद्रा कमाने में लगी हुई है। हरिद्वार में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा, ‘देश के बहुत से राज्यों में गौ हत्या पर प्रतिबंध है लेकिन इसके बावजदू आज देश विश्व में गौमांस की बिक्री में प्रथम स्थान पर है। यह दुर्भाग्य है कि जिस देश के लोग गाय को माता समझते हैं और उसकी पूजा करते हैं, उसी देश की सरकार गौमांस की बिक्री कर विदेशी मुद्रा कमाने में लगी है।’

धर्मगुरु ने यह भी कहा कि गाय का जीवन संकट में आ गया है और सरकार गांव-गांव में गायों के चारागाहों को बिल्डरों, उद्योगपतियों तथा अन्य लोगों को बेच रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह गौ-रक्षकों को अपमानित करते हैं और उन्हें गुंडा और फर्जी गौ-रक्षक कहते हैं। शंकराचार्य ने कहा कि देश में चुनी हुई सरकार है लेकिन वह जनता के हितों का ध्यान रखने की बजाय पैसा कमाने में लगी हुई है। स्मार्ट सिटी का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि ऐसे शहरों का क्या औचित्य है, जहां गायों के लिए कोई जगह न हो।

उन्होंने सरकार द्वारा देश की प्रमुख नदियों में बांध बनाकर और उनसे बिजली पैदा कर पैसा कमाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे नदियों का पानी प्रदूषित हो रहा है। शंकराचार्य ने कहा कि देश का विकास होना चाहिए लेकिन हमारी प्राथमिकता देशवासियों को शुद्ध अनाज और पानी उपलब्ध कराना होना चाहिये जो हमारी सरकार ठीक से नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि आज आधुनिक खेती के नाम पर रासायनिक खादों का प्रयोग कर फसल उगाई जा रही है जबकि गौ-माता के गोबर की खाद से उत्पन्न अनाज शुद्ध होने के साथ ही पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। हालांकि, सरकार का ध्यान इन बातों पर नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App