ताज़ा खबर
 

यूपी: भड़काऊ भाषण देने की शिकायत में कांग्रेस नेता का भी नाम, पार्टी ने पूछा- भाजपा की महापंचायत में क्‍यों गए थे?

मौलाना एहतरामुल हसन की शिकायत को शुरुआती जांच में पुलिस ने सही पाया है। वह आचार्य जसवीर पर रासुका लगाने और कुछ अन्‍य नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रही है।

Author शामली (यूपी) | December 31, 2015 10:59 am
कांधला के एसएचओ का कहना है कि शुरुआती जांच में शिकायत सही पाई गई है।

पिछले सप्‍ताह शामली (उत्‍तर प्रदेश) में भड़काऊ भाषण देने के मामले में दर्ज हुई शिकायत में एक स्‍थानीय कांग्रेस नेता पवन कंसल का भी नाम है। मौलाना एहतरामुल हसन ने जो शिकायत दर्ज कराई है उसमें कहा गया है कि भाजपा सांसद हुकुम सिंह, भाजपा विधायक सुरेश राणा और पवन कंसल उस समय मंच पर मौजूद थे जब आचार्य जसवीर महाराज भड़काऊ भाषण दे रहे थे। इनमें से किसी ने भाषण पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई। आचार्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि 23 साल की एक हिंदू लड़की एक दिसंबर को अपने घर में किराए पर रहने वाले मुस्लिम लड़के के साथ कथित तौर पर भाग गई थी। पुलिस को इस मामले में कोई सुराग न मिलने के बाद बीते शुक्रवार को स्‍थानीय लोगों ने महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत के बाद मुस्‍लिम समुदाय के लोगों ने आचार्य के कथित आपत्‍त‍िजनक भाषण को लेकर प्रदर्शन किया था। उन्‍होंने कांधला पुलिस स्‍टेशन का घेराव करके उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद, मुजफ्फरनगर में आश्रम चलाने वाले यशवीर महाराज पर दंगे भड़काने, दो समुदायों के बीच कटुता को बढ़ावा देने आदि की धाराओं में मामला दर्ज हुआ और आचार्य को गिरफ्तार किया गया। आचार्य के भतीजे की भी गिरफ्तारी हुई है।

पुलिस का कहना है कि आचार्य जसवीर के खिलाफ रासुका (एनएसए-राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून) भी लगाया जा सकता है और जल्‍द ही कुछ और नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। कांधला पुलिस स्‍टेशन के एसएचओ नरेश पाल सिंह ने कहा, ‘हमने महापंचायत की वीडियो क्ल्प्सि देखी हैं। कुछ आरोपियों ने आपत्तिजनक भाषण दिया है। हम जल्‍द ही उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करेंगे।’

उधर, जब कांग्रेस नेता कंसल से सपंर्क किया गया तो उनका कहना था कि महापंचायत लड़की का पता लगाने की मांग करने के लिए बुलाई गई थी। इसमें विभिन्‍न समुदायों के लोग पहुंचे थे। मैंने भी लड़की का पता लगाने की मांग करते हुए भाषण दिया था। मैंने न तो किसी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्‍तेमाल किया और न ही भड़काऊ बातें कहीं। पंचायत में कांग्रेस के कुछ और सदस्‍य भी शामिल थे।

शामली के जिला कांग्रेस अध्‍यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि भाजपा द्वारा बुलाई गई पंचायत में शामिल होने को लेकर हमने कंसल से जवाब तलब किया था, पर वे कोई ठोस जवाब नहीं दे सके।

क्‍या कहना है बीजेपी नेताओं का: हुकुम सिंह ने कहा, ”यह पंचायत नहीं बल्‍क‍ि जनसभा थी। जब मैं मौके पर पहुंचा, आचार्य जसवीर महाराज भाषण दे रहे थे। मैं और कुछ दूसरे लोगों ने तुरंत उनसे माइक छीन लिया और उन्‍हें बोलने नहीं दिया। वहां मौजूद पुलिसवालों ने इस तरह हालात को संभालने के लिए मेरा धन्‍यवाद दिया। पुलिस के पास रिकॉर्डिंग है। उन्‍हें जांच करके पता करने दीजिए कि गलती किसकी है।”

बीजेपी एमएलए सुरेश राणा ने कहा, ” कांधला के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेश सैनी ने महापंचायत बुलाई थी। एक लापता लड़की को पुलिस ढूंढ नहीं पाई, जिसके बाद यह महापंचायत बुलाई गई और विभिन्‍न वर्गों के लोग इसमें शामिल हुए। हमने यह मांग की कि लड़की के घरवालों के खिलाफ मामले वापस लिए जाने चाहिए। वहां मौके पर कई पुलिसवाले मौजूद थे और उन्‍होंने इसकी रिकॉर्डिंग भी की। मैंने अपने भाषण में आपत्‍त‍िजनक भाषा का इस्‍तेमाल नहीं किया।”

लड़की की गुमशुदगी पर हुआ था बवाल: बता दें कि लड़की के गायब होने के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन, पथराव आदि किया था। इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। उधर, लड़की ने पिता ने कांधला पुलिस स्‍टेशन में मोहम्‍मद आसिफ, उसकी पत्‍नी, भाई और मां के खिलाफ अपहरण और दूसरी धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि लड़की को दिल्‍ली से बरामद कर लिया गया है और मोहम्‍मद आसिफ भी गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस अब लड़की का बयान लेगी और उसे मजिस्‍ट्रेट के सामने पेश करेगी।

(यूपी की और खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App