शाहनवाज हुसैन बोले- मनमोहन सरकार में इंदिरा के जमाने के पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं थे, कहा- कांग्रेस की लोकप्रियता उनके ट्वीट पर आने वाले लाइक जितनी

मंहगाई पर कांग्रेस द्वारा की जा रही घेराबंदी पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस आज केंद्र सरकार को बोल रही है कि मनमोहन सिंह के समय के पेट्रोल डीजल के दाम क्यों नहीं हैं तो उन्हें बताना चाहिए कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब इंदिरा गांधी जी के जमाने का पेट्रोल डीजल की कीमत क्यों नहीं लेकर आ सके।

Shahnawaz hussain
BJP नेता शाहनवाज हुसैन (फाइल/इंडियन एक्सप्रेस)

बीजेपी के कद्दावर नेता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। मंहगाई पर कांग्रेस द्वारा की जा रही घेराबंदी पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस आज केंद्र सरकार को बोल रही है कि मनमोहन सिंह के समय के पेट्रोल डीजल के दाम क्यों नहीं हैं तो उन्हें बताना चाहिए कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब इंदिरा गांधी जी के जमाने का पेट्रोल डीजल की कीमत क्यों नहीं लेकर आ सके। यह बात उन्होंने समाचार चैनल जनतंत्र टीवी से बातचीत के दौरान कही है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को मार्केट से जोड़ने का काम कांग्रेस ने ही किया और आज बीजेपी पर सवाल उठा रही हैं। मोदी सरकार की कार्यशैली पर कांग्रेस के आक्रामक रुख पर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ देश को गुमराह करने का काम करती रही है, उन्हें प्रधानमंत्री की कार्यशैली पर हमेशा से ऐतराज रहा है, यहां तक की वह मुफ्त वैक्सीन पर भी सवाल उठाते हैं।

राहुल और प्रियंका गांधी द्वारा प्राइवेटाइजेशन के मुद्दे पर सवाल उठाए जाने पर बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की राय खास मायने नहीं रखती है। वह जमीन पर कभी दिखाई नहीं देते हैं। इसलिए उनकी कही गई बात का कोई फर्क भी नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि जितने लाइक राहुल और प्रियंका के ट्वीट पर आते हैं, उतने ही उनके समर्थक होते हैं।

महंगाई पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ठनी: गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, ताकि ईंधन की रिकॉर्ड-उच्च कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अलग-अलग अनुपात में वैट दरों में कटौती करते हुए लोगों को और राहत दी है। सरकार जहां इस कटौती को अपनी तरफ से सरकार को तोहफा बता रही है तो वहीं कांग्रेस इसको लेकर लगातार निशाना साध रही है। ऐसे में महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हो गई है।

वैट दर कम कर लोगों को अतिरिक्त राहत देने वाले राज्यों में कर्नाटक, पुडुचेरी, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड, त्रिपुरा, असम, सिक्किम, बिहार और मध्य प्रदेश शामिल हैं। इनमें गोवा, गुजरात, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मेघालय और लद्दाख भी शामिल हैं।

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