मेघालय के पूर्वी जंयतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया है, यहां एक अवैध कोयला खदान में बड़ा धमाका हो गया, जिसमें कम से कम 18 लोगों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की खबर है। धमाके का कारण डायनामाइट का फटना बताया जा रहा है।

घटना को लेकर मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “जो लोग किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के लिए जो भी ज़िम्मेदार है, उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम इसमें शामिल किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।”

बचाव कार्य चल रहा

सीएम संगमा ने बताया कि धमाके के कारण लगभग 18 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद थे और बचाव अभियान चल रहा था।

मौके पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ

उन्होंने कहा, “पूर्वी जयंतिया हिल्स में एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट धमाका आज सुबह लगभग 11 बजे हुआ। मौजूदा रिपोर्ट के अनुसार, इस धमाके के कारण लगभग 18 लोगों की मौत हो गई है, एक व्यक्ति घायल है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक SDRF टीम और NDRF के कई कर्मी मौके पर हैं। पूर्वी क्षेत्र के आईजी समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। खनन विभाग के अधिकारी भी वहां हैं। स्थानीय प्रशासन भी वहां है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जगह एक दूरदराज के इलाके में है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर है, और वहां पहुंचने में तीन घंटे लगते हैं। यह इलाका केवल फोर-व्हील-ड्राइव वाहनों से ही पहुंचा जा सकता है, जिससे बचाव अभियान और भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है और दो कैबिनेट मंत्रियों, लकमैन रिम्बुई और वाई लाडमिकी शिला को जिले का दौरा करने का निर्देश दिया है। उन्हें मौके पर मौजूद अधिकारियों से मिलने, स्थिति की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सभी आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि सरकार इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं होगी।

18 शव हुए बरामद

पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार ने बताया कि गुरुवार सुबह उमप्लेंग पुलिस चौकी क्षेत्र के मिनसिंगट, थांगस्को (थांगस्काई) में एक अवैध कोयला खदान में विस्फोट की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी ने पुष्टि की कि एक अवैध कोयला खदान के अंदर विस्फोट हुआ था, और कई लोगों के फंसे होने की आशंका थी, बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल से 18 शव बरामद किए गए।

पुलिस ने कहा, “बचाव अभियान के दौरान, विस्फोट स्थल से कुल 18 शव बरामद किए गए हैं। एक घायल व्यक्ति को बचाया गया और शुरू में सुतंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया और बाद में आगे के इलाज के लिए एक हायर मेडिकल सेंटर में रेफर किया गया।” NDRF, SDRF, और SRT की टीमें घटनास्थल पर सक्रिय रूप से लगी हुई हैं, और बचाव और तलाशी अभियान जारी है।

दो लाख अनुग्रह राशि देने की घोषणा

घटना पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ ने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से एक पोस्ट में कहा, “मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। आगे कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।”

साथ ही सीएम संगमा ने भी घोषणा की मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से तीन लाख रुपये अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अवैध हो रहा था खनन

इस धमाके का कारण अवैध रूप से चल रही कोयला खनन गतिविधि के दौरान डायनामाइट का इस्तेमाल होना बताया जा रहा है। जब पुलिस अधीक्षक से पूछा गया कि क्या खदान अवैध रूप से चल रही थी, तो पुलिस अधिकारी विकास ने कहा, “हां, यही लग रहा है।” हालांकि उन्होंने कहा कि विस्फोट का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच की जाएगी।

एनजीटी ने 2014 में मेघायल में पर्यावरण को होने वाले नुकसान और सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए रैट-होल कोयला खनन और अन्य अवैध तरीके के खनन तरीकों पर बैन लगा दिया था। साथ ही इन तरीकों से निकाले गए कोयले के अवैध परिवहन पर भी रोक लगा दी थी।

क्या है रैट होल खनन?

रैट-होल खनन में मजदूरों द्वारा कोयला निकालने के लिए संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनकी ऊंचाई आमतौर पर 3 से 4 फीट होती है। इन सुरंगों को अक्सर “रैट-होल” कहा जाता है, क्योंकि इनमें मुश्किल से एक ही आदमी के लिए जगह होती है। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इन तरीकों पर इस प्रतिबंध को बरकरार रखा और केवल सुरक्षित खनन तरीकों और विनियमित प्रक्रियाओं के तहत पर्यावरण सुरक्षा उपायों के साथ खनन की अनुमति दी। आगे पढ़िए प्रदूषण बढ़ने से लगातार कम हो रही है धूप, मेघालय का ‘बर्नीहाट’ दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर