ताज़ा खबर
 

बेस प्राइस से 200 गुना ज्यादा कीमत पर नीलाम हुए मोदी को मिले गिफ्ट! जानें कितने में क्या बिका

पीएमओ के बयान में कहा गया है, ‘गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी प्रधानमंत्री मोदी ने उपहार में मिली वस्तुओं की नीलामी की थी ताकि धनराशि का बालिकाओं की शिक्षा के लिए उपयोग किया जा सके।

Author February 11, 2019 7:43 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार में मिली 1800 वस्तुओं की नीलामी करीब पखवाड़े भर की कवायद के बाद पूरी हो गई। पिछले महीने शुरू हुई नीलामी की इस प्रक्रिया के पूरे होने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नीलामी से कितनी रकम हासिल हुई। इस धनराशि का इस्तेमाल केन्द्र सरकार की परियोजना ‘नमामि गंगे’ के तहत गंगा नदी की सफाई के लिए किया जाएगा। नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (एनजीएमए) में आयोजित नीलामी के दौरान विशेष रूप से दस्तकारी की हुई लकड़ी की एक बाइक 5 लाख रुपए में बिकी। इसी तरह एक अनोखी पेंटिंग की भी नीलामी हुई जिसमें एक प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दर्शाया गया है। इस तस्वीर के जरिए पीएम मोदी का रेलवे से जुड़ाव दिखाया गया है।

पीएमओ ने बताया कि नीलामी में अधिक कीमत पर बिकने वाली अन्य वस्तुओं में भगवान शिव की एक मूर्ति भी रही। इस मूर्ति का बेस प्राइस पांच हजार रुपए रखा गया था और इसकी नीलामी 10 लाख रुपए में हुई है जो कि इसकी वास्तविक कीमत से 200 गुना अधिक है। बयान में बताया गया है कि अशोक स्तंभ की लकड़ी की एक रेप्लिका का आधार मूल्य 4 हजार रुपए रखा गया था जिसकी नीलामी 13 लाख रुपए में हुई। असम के माजुली से मिली एक पारंपरिक होराई (असम राज्य का एक पारंपरिक प्रतीक- एक स्टैंड के साथ ट्रे) की नीलामी 12 लाख रुपए में हुई। इसका आधार मूल्य 2 हजार रुपए था। वहीं, 4 हजार रुपए के आधार मूल्य वालीगौतम बुद्ध की एक प्रतिमा की नीलामी 7 लाख रुपए में हुई।

पीएमओ के बयान में कहा गया है, ‘गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी प्रधानमंत्री मोदी ने उपहार में मिली वस्तुओं की नीलामी की थी ताकि धनराशि का बालिकाओं की शिक्षा के लिए उपयोग किया जा सके। इस प्रक्रिया को जारी रखते हुए जो अब धन का संग्रह किया गया है, उसका इस्तेमाल पवित्र नदी गंगा की सफाई में मदद करने के लिए किया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App