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बिहार चुनाव पर PM का ध्यान? भोजपुरी में BJP कार्यकर्ताओं को दिया संदेश, कहा- कोरोना पर दावा करने वालों को आपने गलत साबित किया

बकौल मोदी, "कोविड-19 संकट के बीच इतने लंबे समय तक भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया राष्ट्रव्यापी कल्याण कार्य इतिहास का सबसे बड़ा 'सेवा यज्ञ' है। भाजपा के लिये सत्ता लोगों की सेवा का माध्यम है।"

Seva Hi Sangathan, BJP, Bihar, COVID-19, Narendra Modi, Bhojpuri‘सेवा ही संगठन’ कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते PM नरेंद्र मोदी। (फोटोः टि्वटर/BJP)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को BJP के ‘Seva Hi Sangathan’ कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान भोजपुरी में अपनी बात की शुरुआत की और कहा कि कोरोना पर जिन लोगों ने दावा किया था कि संक्रमण देश के पूर्वी हिस्सों में बुरी तरह फैलेगा उन्हें आप लोगों ने गलत साबित कर दिखाया।

उन्होंने कहा- बिहार के सब भाजपा कार्यकर्ता और साथी लोग अभिनंदन के पात्र बानी जा (बने हैं)। काफी लोग कहत रहे कि पूर्वी भारत में बहुत गरीबी बा। ओहिजा कोरोना ज्यादा फैली। लेकिन रहुआ लोगिन सबका गलत साबित कर देइ।

बकौल मोदी, “कोविड-19 संकट के बीच इतने लंबे समय तक भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया राष्ट्रव्यापी कल्याण कार्य इतिहास का सबसे बड़ा ‘सेवा यज्ञ’ है। भाजपा के लिये सत्ता लोगों की सेवा का माध्यम है।”

वह आगे बोले- कोविड-19 महामारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ता जोखिम उठाकर राहत कार्यों में लगे हैं, कुछ ने तो अपनी जान तक गंवा दी। भाजपा ने समाज के वंचित तथा गरीब वर्गों के सशक्तिकरण के लिये कार्य किया है। पार्टी के 53 दलित, 43 आदिवासी और 113 से अधिक ओबीसी सांसद हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए देश सबसे पहले है और बाकी सब इसके बाद है। राष्ट्रवाद हमारे मूल्यों में समाहित है।

पीएम के मुताबिक, हमारे समाज में दूसरों के लिए कुछ करने की, सेवा भाव की बहुत बड़ी ताकत है। हमें समाज की इस ताकत को पूजने का कोई अवसर छोड़ना नहीं चाहिए। आपको संतोष होना चाहिए कि समाज ने हम सबको इस काम के लिए चुना है। सेवा करने के लिए ईश्वर ने हमें राह दिखाई है।

पीएम ने इसके अलावा 7 ‘S’ का मंत्र देते हुए कहा कि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने साथ- Seven ‘S’ की शक्ति लेकर आगे बढ़ना चाहिए। इनमें सेवाभाव, – संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, सद्भावना और संवाद हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन दिनों इस कोरोना की लड़ाई में भरपूर रूप से इसका प्रभाव दिखाई दिया है।

दरअसल, इस साल बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो पीएम मोदी का चुनाव से पहले यूं बिहार का जिक्र करना यूं ही सामान्य बात नहीं है। मोदी ने इससे पहले भी देश के नाम अपने हालिया संबोधन में बिहार और वहां के छठ पर्व का उल्लेख किया था। लगभग 16 मिनट के भाषण के दौरान उन्होंने दो बार छठ का जिक्र छेड़ा था। एनडीए ने इस पर उनकी सराहना की थी, जबकि विपक्षी दलों ने उनके संबोधन को बिहार पर चुनावी ऐलान बता दिया था।

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